मुरैना15 घंटे पहले
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- मरा हुआ हिरण लेकर कोतवाली पहुंचे गोसेवक, बोले-8 घंटे बाद भी नहीं आए वन अधिकारी
जंगल से लकड़ियों की अवैध कटाई का मामला हो या जंगली जीव-जंतुओं के शिकार की बात। वन अफसर अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। रविवार की रात मृगपुरा क्षेत्र में कुत्तों के हमले में घायल एक हिरण के बच्चे को गोसेवक बचाकर मुख्यालय पर लाए। उसका इलाज किया सुबह उसकी मौत हो गई। बेचारे गोसेवक 6 घंटे तक हिरण के शव को रखकर बैठे रहे लेकिन वन विभाग के अफसर नहीं आए।
सोमवार को सिटी कोतवाली में हिरण का शव लेकर खड़े गोसेवक रूद्र, आशीष ने बताया कि हमले में हिरण के घायल सूचना गांव वालों ने हमे दी। हमने रात में ही मौके पर पहुंचकर हिरण का इलाज किया और उसे बाइक पर रखकर मुरैना ले आए। सुबह 4 बजे हिरण ने दम तोड़ दिया। हम सुबह से वन विभाग के अफसरों को फोन कर रहे हैं लेकिन उसका शव लेने तक नहीं आए।
सेवक रूद्र का कहना था कि हम इसीलिए सूचना देने के लिए कोतवाली आए। कुल मिलाकर जीव-जंतुओं के मददगार बिना किसी आर्थिक मदद के उनकी सेवा करते भटक रहे हैं लेकिन वन विभाग के अफसर गंभीर ही नहीं हैं। सिटी कोतवाली टीआई अजय चानना ने बताया कि मै खुद डीएफओ से इस संबंध में चर्चा कर रहा हूं।
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