Sampler not taken for confirmation report after the death of the department’s negligence, screening positive elderly | विभाग की लापरवाही, स्क्रीनिंग पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत के बाद कंर्फमेट्री रिपोर्ट के लिए नहीं लिया सैंपल

Sampler not taken for confirmation report after the death of the department’s negligence, screening positive elderly | विभाग की लापरवाही, स्क्रीनिंग पॉजिटिव बुजुर्ग की मौत के बाद कंर्फमेट्री रिपोर्ट के लिए नहीं लिया सैंपल


टीकमगढ़14 घंटे पहले

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जिले में लगातार स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। जिले में जिस तरह से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। उस हिसाब से स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां अब नकाफी दिखने लगी है। सितंबर महीने के 22 दिनों में जहां कोरोना के 289 मामले सामने आए हैं। इनमें से 10 लोग सितंबर महीने में कोरोना से जंग भी हर गए। इनमें जौहरी नर्सिंग होम के पास रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग सैमुअल पीटर की कोरोना से 17 सितंबर को मौत हो गई थी। सांस लेने में तकलीफ होने के चलते उनके भतीजे ने उन्हें जिला अस्पताल में 15 सितंबर को देर रात भर्ती कराया था। जहां उनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 50 फीसदी था। इसके बाद उनका ट्रीटमेंट शुरू किया गया, लेकिन उनकी 17 सितंबर को सुबह 8 बजे कोरोना से उनकी मौत हो गई।जिले में कंर्फमेट्री किट न होने के चलते उनकी रिपोर्ट कंफर्म नहीं हो पाई। साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही बरती और जांच के लिए सागर बीएमसी लैब भेजने के लिए आरटीपीसीआर सैंपल नहीं लिया। जिसमें विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से बुजुर्ग की रिपोर्ट कंफर्म नहीं हो पाई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग मौत के आंकड़ों को छिपाने के लिए इस तरह की हरकत कर रहा है। जिससे मौत के आंकड़ों को कम किया जा सके। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 70 वर्षीय बुजुर्ग की मौत को संदिग्ध माना जाएगा, उसे कंफर्म नहीं कहा जा सकता है कि बुजुर्ग की मौत कोरोना से ही हुई है।

अभी तक नहीं बनाया कंटेनमेंट जोन
जौहरी नर्सिंग होम वाली गली में स्क्रीनिंग पॉजिटिव बुजुर्ग की कोरोना से मौत के बाद लोगों को संक्रमण का डर सता रहा है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बुजुर्ग के भतीजे की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आने से मोहल्ले में भी संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन ने अब तक संक्रमित परिवार के घर को कंटेनमेंट जोन तक नहीं बनाया है। गौरतलब है कि संक्रमित परिवार के बाजू से ही एक निजी नर्सिंग होम संचालित है।
जिसमें रोजाना सैकड़ों की संख्या में मरीज और उनके परिजनों का आना जाना होता है। नर्सिंग होम आने वाले लोग न तो मॉस्क का उपयोग करते हैं और न ही सोशल डिस्टेंस में रहते हैं।

परिवार में सिर्फ 5 लोगों के लिए सैंपल

बुजुर्ग के परिजन ने बताया कि 17 सितंबर को कोरोना से 70 वर्षीय सैमुअल पीटर की मौत के बाद कोरोना प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार किया गया और विभाग बुजुर्ग की मौत को संदिग्ध मान रही है। वहीं अभी तक घर को कंटेनमेंट जोन तक नहीं बनाया गया। साथ ही बुजुर्ग की मौत के 4 दिन बाद परिवार के 5 लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपना सैंपल दिया। जिसमें बुजुर्ग को जिला अस्पताल में भर्ती करने वाले उनके 48 वर्षीय भतीजे की रिपोर्ट 21 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव आई है। परिजन का कहना है कि अभी तक घर पर आकर जिला प्रशासन की टीम ने किसी तरह से कोई पूछताछ तक नहीं की है और न ही अन्य सदस्यों की स्क्रीनिंग की गई।

प्रभारी सीएमएचओ बोले-सैंपल लिया जाना था

इस मामले में जब प्रभारी सीएमएचओ डॉ. पीके माहौर से बात की तो उन्होंने बताया कि बुजुर्ग की मौत को कंफर्म कोरोना से मौत नहीं कहा जा सकता। उसे कोरोना से संदिग्ध मौत का मामला माना जाएगा। इसलिए इस आंकड़े को भी अभी तक पोर्टल पर भी अपलोड नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि ट्रू-नेट लैब में कंर्फमेट्री किट न होने से बुजुर्ग की कंफर्म रिपोर्ट नहीं आ सकी। हालांकि मौके पर मौजूद विभागीय कर्मचारियों को आरटीपीसीआर सैंपल लिया जाना था। यह गंभीर लापरवाही है। इस मामले की जांच करवाएंगे।

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