बीजेपी की केंद्रीय टीम से उमा भारती और प्रभात झा का बाहर होना कई सवाल भी खड़े कर रहा है. (सांकेतिक फोटो)
बीजेपी की केंद्रीय टीम मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में होने वाले उपचुनाव के लिहाज से अहम मानी जा रही है. ग्वालियर चंबल से आने वाले एससी नेता लाल सिंह आर्य का एससी मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना इसी से जोड़कर देखा जा रहा है.
उपचुनाव के लिहाज से अहम बदलवा
बीजेपी की केंद्रीय टीम मध्य प्रदेश में होने वाले उपचुनाव के लिहाज से अहम मानी जा रही है. ग्वालियर चंबल से आने वाले एससी नेता लाल सिंह आर्य का एससी मोर्चे का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जाना इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. उपचुनाव की सबसे ज्यादा 16 सीटें उसी संभाग में है और एससी वोट का एक बड़ा तबका इस इलाके से आता है. यही वजह है कि लाल सिंह आर्य को केंद्रीय टीम में जगह दी गई है. उधर आदिवासी नेता के तौर पर ओम प्रकाश धुर्वे को शामिल किया गया है, जबकि कैलाश विजयवर्गीय का महासचिव बरकरार रहना मालवा क्षेत्र में बीजेपी की मजबूत पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है.
प्रभात झा को मिल सकती है ये जिम्मेदारीबीजेपी की केंद्रीय टीम से उमा भारती और प्रभात झा का बाहर होना कई सवाल भी खड़े कर रहा है. हालांकि, सियासी गलियारों में चल रही खबरों की मानें तो कुछ दिन पहले ही यह खबर सूत्रों के हवाले से सामने आई थी कि प्रभात झा को बिहार में राज्यपाल जैसी अहम जिम्मेदारी से नवाजा जा सकता है. हालांकि, अधिकृत तौर पर इसकी कोई घोषणा नहीं हुई है पर सियासी गलियारों में इसकी चर्चा है. वहीं उमा भारती के बारे में भी यह कयास लगाए जा रहे हैं कि संगठन उन्हें कोई और जिम्मेदारी मिल सकता है.