Farmers’ Union will come out in protest today for not getting insurance claim for Kharif 2019 | खरीफ 2019 का बीमा क्लेम नहीं मिलने पर आज विरोध में उतरेगा किसान संघ

Farmers’ Union will come out in protest today for not getting insurance claim for Kharif 2019 | खरीफ 2019 का बीमा क्लेम नहीं मिलने पर आज विरोध में उतरेगा किसान संघ


शाजापुर3 घंटे पहले

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बैंक के ऋणी किसानाें का भी यूनियन बैंक की शाजापुर शाखा के प्रबंधक ने पिछले साल वर्ष 2019 की खरीफ फसल का बीमा नहीं किया। प्रीमियम नहीं काटने के कारण फसल बीमा नहीं हो सका। इस कारण इस साल बीमा कंपनी द्वारा दिए जा रहे क्लैम का फायदा नहीं मिला। इधर अधिकारी का किसानों के प्रति रवैया भी ठीक नहीं है।
लापरवाही व गैर जिम्मेदाराना तरीके से किसानाें से बात करने के मामले में अब भारतीय किसान संघ ने मोर्चा खोलने का निर्णय लिया है। आज सोमवार को किसान संघ के सदस्य जिला मुख्यालय पर एकत्रित हाेंगे और बैंक प्रबंधक के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। संघ के तहसील अध्यक्ष मुकेश पाटीदार ने बताया दोपहर 1 बजे एबी रोड स्थित यूनियन बैंक के सामने विरोध प्रदर्शन कर ऐसे लापरवाह अधिकारी को हटाने की मांग की जाएगी। पाटीदार ने बताया कि बैंक अधिकारी यहां आने वाले किसानाें से भी रुखा व्यवहार करते हैं। ऐसे अधिकारी पर कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा जाएगा।
पांच करोड़ की फसल हुई थी खराब
किसान संघ ने आरोप लगाया हैं कि बैंक के करीब 2 हजार किसान ऐसे हैं जिनसे पिछले साल खरीफ-2019 का बीमा करने के लिए प्रीमियम नहीं काटी गई। इस कारण यूनियन बैंक के करीब 2 हजार ऋणी किसानों को फसल बीमा नहीं मिल सका। इन किसानों की करीब 4 से 5 करोड़ रुपए की फसल खराब हुई है। क्लैम नहीं मिलने के कारण अब यह पूरा नुकसान किसानांे को ही उठाना पड़ेगा।

बैंक रिकवरी का भी नुकसान
उक्त किसानाें को औसतन 2 से 3 करोड़ रुपए का क्लैम मिलता, लेकिन अधिकारी की गलती से बीमा नहीं हो पाने के कारण ऐसा नहीं हो सका। यदि किसानों की प्रीमियम काटी जाती तो औसतन किसानों को 2 से 3 करोड़ रुपए का क्लैम मिलता। इससे बैंक की रिकवरी भी हो जाती। अब यह रिकवरी करने के लिए बैंक अधिकारियाें को ज्यादा मशक्कत करना पड़ेगी।
सभी पात्र किसानों को दिया
गया है फसल बीमा

^मैं फसल बीमा प्रीमियम राशि काटने वाले समय के बाद शाजापुर आया था, लेकिन जहां तक मेरी जानकारी है जितने भी पात्र किसान थे, उन सभी का बीमा किया गया था। रही बात रुखे व्यवहार की तो ऐसी कोई बात नहीं है। भले ही किसी दिन आप खुद ही किसान के साथ आकर देख सकते हैं।
उमेश मिश्रा, प्रबंधक यूनियन बैंक शाजापुर



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