MP By Election : मंगल के इस संयोग में शिवराज या कमलनाथ किसका होगा मंगल | bhopal – News in Hindi

MP By Election : मंगल के इस संयोग में शिवराज या कमलनाथ किसका होगा मंगल | bhopal – News in Hindi


कमलनाथ की हनुमान भक्ति और बीजेपी का राम प्रेम जग जाहिर है.

बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) दावा कर रही हैं इस मंगल से उनका ही मंगल होगा अब देखना ये है कि आखिरकार जनता किसका मंगल करती है ?

भोपाल. मध्य प्रदेश (MP)  में 28 सीटों पर उपचुनाव (By Elections) यूं तो कई मायनों में खास हैं लेकिन उपचुनाव का कार्यक्रम भी अपने आप में एक दिलचस्प इत्तेफाक साथ लेकर आया है. इस उपचुनाव में मंगलवार का ऐसा संयोग बन रहा है कि हर पार्टी खुद के मंगल का दावा कर रही है.

हुआ यह है कि चुनाव आयोग ने आज 29 सितंबर को 28 सीटों पर विधानसभा उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया है. आज यानि मंगलवार का दिन है. 3 नवंबर जिस दिन उपचुनाव के लिए मतदान किया जाना है वह भी मंगलवार का दिन है और 10 नवंबर को उपचुनाव के नतीजे सामने आएंगे उस दिन भी मंगलवार ही है. ऐसे में मंगल का यह अनोखा संजोग अपने आप में दिलचस्प हो गया है. हिंदू समाज मंगलवार को हनुमान का दिन मानता है.अब देखना ये है कि ये उप चुनाव हनुमान भक्त कमलनाथ का मंगल करते हैं या रामभक्त बीजेपी की नैया पार लगाते हैं.

हनुमान भक्त कमल नाथ
राजनीतिक तौर पर कमलनाथ को हनुमान भक्त करार दिया जाता है. छिंदवाड़ा में विशाल हनुमान मूर्ति की स्थापना, भोपाल में पहले मिंटो हॉल  और फिर सीएम हाउस में हनुमान चालीसा का पाठ कमलनाथ की हनुमान भक्ति के उदाहरण हैं. यही वजह है कि कांग्रेस ने उपचुनाव में मंगलवार के इस दिन को कांग्रेस की जीत के साथ जोड़ दिया है. कांग्रेस ने दावा किया है कि मंगल का ये संयोग 10 नवंबर को हनुमान भक्त कमलनाथ के लिए मंगल साबित होगा. पूर्व सीएम कमलनाथ के साथ एक और दिलचस्प संयोग यह भी है कि इससे पहले 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तो उस दिन भी मंगलवार का ही दिन था जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी.

राम भरोसे बीजेपी
उधर बीजेपी ने दावा किया है कि मंगलवार का यह संयोग बीजेपी के लिए मंगल साबित होगा क्योंकि कॉन्ग्रेस राम और हनुमान को सिर्फ दिखावे के लिए इस्तेमाल करती है जबकि बीजेपी राम के नाम पर सियासत नहीं करती. बीजेपी तो सदा से ही राम की भक्त है. इसलिए मंगल तो बीजेपी का ही होगा. हालांकि जहां तक बात मंगलवार के संयोग की है तो यह अब जनता ही तय करेगी कि आखिरकार वह 10 नवंबर को किसका मंगल करती है ?





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