वेद प्रकाश शर्मा अपने शिविर (Shivir) में योगासन, प्राणायाम, ध्यान और काउंसलिंग के ज़रिए नशा मुक्ति का प्रयास करते हैं.
वेद प्रकाश शर्मा अपने शिविर (Shivir) में योगासन, प्राणायाम, ध्यान और काउंसलिंग के ज़रिए नशा मुक्ति का प्रयास करते हैं.
- News18Hindi
- Last Updated:
September 29, 2020, 8:33 PM IST
रिटायर्ड IPS अफसर वेद प्रकाश शर्मा का कहना है में ड्रग्स के प्रति युवाओं में बढ़ता रुझान एक गम्भीर राष्ट्रीय चुनौती बन गया है. सुशांत सिंह राजपूत की मौत के तार ड्रग्स माफिया से जुड़े होने के रोज नए खुलासे हो रहे हैं. फिल्मी हस्तियों पर कानून का शिकंजा कसा जा रहा है. यह केवल मुम्बई जैसे महानगर की कहानी नहीं है. आज देश का हर बड़ा छोटा शहर, कस्बा, गांव सभी नशे की गिरफ्त में आ गए हैं. स्थिति गम्भीर और भयावय है.
हर राष्ट्रभक्त का कर्तव्य
शर्मा ज़ोर देकर कहते हैं ऐसी परिस्थिति में मूक दर्शक बन कर युवाओं का पतन और देश का भविष्य अंधकार मय होते देखना किसी भी राष्ट्र भक्त को स्वीकार नहीं होगा. देश के भावी कर्णधार युवाओं को नशे से मुक्ति दिलवाना प्रत्येक राष्ट्र भक्त एवं शांति प्रिय नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है.योग से नशा मुक्ति
वेद प्रकाश शर्मा बताते हैं कि मैंने अपने लंबे पुलिस सेवाकाल में पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस महा निरीक्षक रहते हुए नशा और अपराध विषय पर गम्भीर चिंतन किया. मैंने पाया कि हत्या, यौन अपराध, लूट, डकैती जैसे गंभीर अपराध अधिकतर नशे की हालत में ही अंजाम दिए जाते हैं. ऐसे में नशामुक्ति से ही समाज को अपराध मुक्त किया जा सकता है. वर्ष 2006 से वर्ष 2015 तक मैंने विभिन्न पदस्थापनाओं के दौरान मध्यप्रदेश के होशंगाबाद, जबलपुर, नीमच, रतलाम, मंदसौर, छतरपुर और शहडोल जिलों में एक दर्जन से अधिक एक महीने के निःशुल्क नशामुक्ति और पुनर्वास शिविर लगाए. इसमें सैकड़ों नशा पीड़ित लोगों को नशा मुक्त कर समाज की मुख्य धारा में जोड़ा. पुलिस सेवा से रिटायर होने के बाद वैदिक मानव सेवाश्रम न्यास बनाया. इशके ज़रिए योग से नशा मुक्ति का अभियान चलाया जा रहा है.
2 से ऑनलाइन शिविर
कोरोना के इस दौर में जब स्कूल कॉलेज तक बंद हैं, शर्मा अब 2 अक्तूबर गांधी जयंती से 15 दिन का शिविर लगा रहे हैं. ये ऑन लाइन शिविर होगा. इसमें योगासन, प्राणायाम, ध्यान और काउंसलिंग के ज़रिए नशा मुक्ति का प्रयास किया.