भोपाल/ग्वालियर5 मिनट पहले
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लखनऊ में स्पेशल कोर्ट के फैसले के बाद बाहर आए पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया ने विक्ट्री साइन दिखाया।
- कोर्ट का फैसला सुप्रीम कोर्ट के राम जन्मभूमि जितना ही ऐतिहासिक और अभूतपूर्व
- बाबरी मामले पर फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि यह पूर्व नियोजित घटनाक्रम नहीं था
अयोध्या में बाबरी विध्वंस मामले में 28 साल बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया दिया गया है। एसके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती समेत सभी 32 आरोपी बरी कर दिए गए हैं। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और बजरंग दल के पूर्व अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया ने इसे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बताया है।
लखनऊ कोर्ट से इस मामले में बरी होने के बाद पवैया ने कहा कि मैं भारत की न्यायप्रणाली को नमन करता हूं। आज का फैसला उतना ही ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है जितना रामजन्म भूमि के लिए सुप्रीमकोर्ट का फैसला था। 28 सालों से हिन्दू नेताओं और संतों को जलील किया जा रहा था।
पूर्व मंत्री पवैया ने कहा कि हमारे ऊपर राजद्रोह, डकैती और लूटपाट जैसे अपराध कायम किये गए थे, लेकिन आज अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि 6 दिसंबर 1992 की घटना नियोजित नहीं थी। वह अचानक होने वाली घटना थी। सीबीआई 49 में से एक भी आरोपी के बारे में कोई भी दस्तावेज और तस्वीर तक सबूत के तौर पर पेश नहीं कर सकी। यह फैसला हिंदू समाज को पददलित करने वाली ताकतों की पराजय और हिन्दू आस्था तथा 110 करोड़ हिन्दुओं के सम्मान की विजय है। इस मामले में जज एसके यादव ने अपने फैसले की शुरुआत में कहा कि यह पूर्व नियोजित घटनाक्रम नहीं था। यानी आरोपियों ने पहले से इसकी साजिश नहीं रची।
सीएम शिवराज ने कहा, अंत में सत्य की जीत हुई
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, किंतु पराजित नहीं। बाबरी विध्वंस मामले में लखनऊ में सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा उमा भारती, जयवभान सिंह पवैया सहित 32 आरोपितों को बरी कर दिया गया। इसके बाद मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, किंतु पराजित नहीं। ‘आज एक बार फिर सत्य की जीत हुई है। भारतीय न्यायपालिका की जय।’ भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ट्वीट कर ‘सत्यमेव जयते’ लिखा है।
विशेष अदालत के फैसले से सब साफ हो गया : शिवराज
अंतत: सत्य की विजय हुई।
तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जो हमारे संत,महात्मा,वरिष्ठ नेताओं पर झूठे आरोप लगाये थे, वो निर्मूल सिद्ध हुए हैं।
विशेष अदालत के फैसले से दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। हम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हैं! pic.twitter.com/oBW8joQbNE
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) September 30, 2020
नरोत्तम ने लिखा सत्य पराजित नहीं हो सकता है
नरोत्तम मिश्रा ने कहा भी ट्वीट कर वीडियो संदेश में कहा है कि ‘सत्य परेशान हो सकता है, किंतु पराजित नहीं। बाबरी ढांचा विध्वंस मामले में सीबीआई कोर्ट के फैसले से यही साबित हुआ है। इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और संतों पर सभी आरोप झूठे और राजनीति से प्रेरित थे। यह फैसला ऐतिहासिक और स्वागतयोग्य है। सत्य मेव जयते।