इंदौर20 मिनट पहले
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जेसीबी और बुलडोजर लेकर पहुंची टीम ने अवैध निर्माण को गिराया।
- हाई कोर्ट के आदेश पर गांधीनगर के ओंकार मार्ग स्थित मकान नंबर – 2 के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया
- पीड़ित बोला – कई बार शिकायत की, 10 साल में न्याय मिला, सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं
नगर निगम ने गुरुवार दोपहर गांधी नगर स्थित ओमकार मार्ग पर एक अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। टीम ने यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद की। एक व्यक्ति ने दूसरे प्लाट पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया था। मामले में पीड़ित ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए भवन को तोड़ने के आदेश दिए थे। इस पर निगम की टीम ने पुलिस-प्रशासन की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया।

हाई कोर्ट ने किसी भी प्रकार के निर्माण को लेकर लगा दी थी रोक।
हाई कोर्ट के आदेश से नगर निगम ने गुरुवार को वार्ड क्रमांक – 15 गांधीनगर के ओंकार मार्ग स्थित मकान नंबर – 2 के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। नगर निगम के जोन क्रमांक – 16 के भवन अधिकारी विवेश जैन ने बताया कि नीलम पति आलोक जैन ने प्लाट पर अवैध निर्माण कर लिया था। कोर्ट में उक्त अवैध निर्माण को लेकर पिटीशन लगाई गई थी। अवैध निर्माण को लेकर निगम ने भवन मालिक को नोटिस भी जारी किया था। कोर्ट के आदेश के बाद मकान को ढहाने की कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि टीम यहां पहुंची तो उक्त मकान पर ताला लटका मिला। मौके पर मल्हारगंज तहसीलदार मनीष श्रीवास्तव और गांधीनगर थाना प्रभारी अनिल सिंह चौहान उपस्थित थे। ताला तोड़ने के पहले भवन मालिक के परिवार के कुछ लोग मौके पर पहुंचे और शटर का ताला खोला। इसके बाद नगर निगम ने रिमूवल की कार्यवाही पूरी की। हालांकि मौके पर भवन मालिक के परिजन अधिकारियों से बहस करते नजर आए, लेकिन अधिकारियों ने बिना किसी दबाव के कार्रवाई को अंजाम दिया।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गिराया मकान
तहसीलदार मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में भवन को ढहाया गया है। वहीं, गांधी नगर टीआई अनिल सिंह चौहान के अनुसार नगर निगम के बिल्डिंग अधिकारी ने थाने पर एक आवेदन दिया था। निगम एक अतिक्रमण तोड़ने की कार्रवाई कर रही है, इसके लिए पुलिस बस उपलब्ध करवाया जाए। इस पर उच्च अधिकारी से आदेश मिलने पर पुलिस फोर्स की मौजूगी में अतिक्रमण को ढहाया गया।
पीड़ित बोले – 10 साल बाद मुझे न्याय मिला
पीड़ित ललित सिसोदिया ने बताया कि गांधी नगर में ओमकार मार्ग पर स्थित उनके प्लाट पर किसी व्यक्ति ने राजनीतिक पावर दिखाते हुए अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया था। इस प्लाट पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर हाई कोर्ट ने 2010 में रोक लगा दी थी। मामले में मैंने डीआईजी, आईजी और संबंधित थाने में शिकायत की थी। इसके बाद मेरी याचिका पर कोर्ट ने 2016 में अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश दिए थे। पुलिस फोर्स नहीं मिल पाना, निगम की टीम का नहीं पहुंचना, राजनीतिक दबाव के कारण यह टलता जा रहा था। गुरुवार को निगम की टीम ने पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर कार्रवाई को अंजाम दिया।