Students were agitating for 5 years to increase BA seats, this time half the seats are vacant | बीए की सीटें बढ़ाने 5 साल से आंदोलन कर रहे थे छात्र, इस बार आधी सीट खाली

Students were agitating for 5 years to increase BA seats, this time half the seats are vacant | बीए की सीटें बढ़ाने 5 साल से आंदोलन कर रहे थे छात्र, इस बार आधी सीट खाली


दतिया36 मिनट पहले

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  • एडमिशन में कमी }पीजी कॉलेज में इस साल बीए की 200 सीटें बढ़ाईं लेकिन आधी सीटें भर सकीं

कोरोना का असर सिर्फ स्कूलों में ही नहीं, कॉलेजों में भी दिखाई दे रहा है। पीजी कॉलेज में बीए की सीटें बढ़ाने के लिए एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बीते पांच साल से लगातार आंदोलन कर रहे थे ताकि सभी छात्रों को प्रवेश मिल सके। इस बार कॉलेज प्रबंधन ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले की 200 सीटें बढ़वा ली लेकिन अब हाल यह हैं कि कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) का पहला चरण पूरा होने के बद तक 50 फीसदी सीटें खाली रह गई हैं।

प्राचार्य डॉ. डीआर राहुल भी इसके पीछे कोविड को ही कारण मान रहे हैं। हालांकि गुरुवार 1 अक्टूबर से सीएलसी का दूसरा चरण शुरू हो रहा है तो 15 अक्टूबर तक चलेगा। कॉलेज प्रबंधन को इस चरण में सीटें भरने की उम्मीद है।

बीते साल शैक्षणिक सत्र 2019-20 में बीए में प्रवेश के लिए सीटें कम पड़ गईं थीं। पहले एक हजार सीटें थीं लेकिन छात्रों की कतार लंबी थी। छात्रों ने आंदोलन किया तो उच्च शिक्षा विभाग 500 सीटें बढ़ाने को मजबूर हुआ था। यानि बीते साल बीए प्रथम वर्ष में 1500 सीटें करना पड़ी थीं। बीते साल की स्थिति को देखते हुए इस बार कॉलेज प्रबंधन ने प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही 200 सीटें बढ़वा लीं यानि शैक्षणिक सत्र 2020- 21 में बीए में प्रवेश के लिए पीजी कॉलेज में 1700 सीटें हो गईं लेकिन बुधवार तक प्रथम चरण की सीएलसी हो जाने के बाद लगभग 900 सीटों पर ही छात्रों के प्रवेश हो सके।

लगभग 800 सीटें अभी भी खाली हैं। बीएससी-बीकॉम में भी यही हाल हैं। बीएससी बॉयो में 340 सीटों के विरुद्ध 190 छात्रों ने, बीएससी मैथ में 500 सीटों के विरुद्ध 250 छात्रों ने और बीकॉम में 350 सीटों के विरुद्ध लगभग 175 छात्रों ने ही प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया है।

अन्य कॉलेजों में भी कम हुए एडमिशन, खाली रहीं सीटें
दतिया में कन्या महाविद्यालय में सभी संकाय की लगभग 350 सीटें है। इनमें से लगभग 150 सीटों पर ही प्रवेश हो सका है। इंदरगढ़ महाविद्यालय में सिर्फ आर्ट संकाय है। यहां 450 सीटों में से लगभग 240 सीटों पर, सेंवढ़ा महाविद्यालय में कुछ 360 सीटें है, इनमें से लगभग 150 सीटों पर, भांडेर में लगभग 160 सीटें है, इनमें से 80 सीटों पर प्रवेश हो सका।

बीए की आधी सीटें खालीं, कोविड हो सकता है इसका कारण, उम्मीद है भर जाएंगी सीटें
बीते साल बीए में प्रवेश को लेकर समस्या आई थी। इसलिए इस बार पहले से ही बीए की 200 सीटें बढ़ावा ली थीं लेकिन अभी 50 फीसदी सीटें खाली हैं। कोविड ही इसका मुख्य कारण समझ में आ रहा है। छात्र कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद अन्य तैयारियों के लिए निकल जाते थे लेकिन कोविड के कारण छात्र निकल नहीं पा रहे। गुरुवार से अंतिम काउंसलिंग शुरू हो रही है। उम्मीद है, सीटें भर जाएगी।
डॉ. डीआर राहुल, प्राचार्य, शासकीय पीजी कॉलेज, दतिया



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