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- The Forest Department Team Caught A Tractor trolley Filled With Sand, The Driver First Escaped, Then Threw The Tractor And Also Rescued It.
मुरैना17 घंटे पहले
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- चचेड़ी गांव से लौटते समय वन विभाग की टीम ने नेंपरी में की थी कार्रवाई
जौरा विधानसभा के अंतर्गत आने वाले चचेड़ी गांव में 12 करोड़ की लागत से चचेड़ी गांव में बन रहे स्टॉप डैम व रपटा के निर्माण में चंबल रेत का उपयोग हो रहा था। इस रेत में घड़ियालों के अंडे (एग सेल्स) निकलने की शिकायत पर पहुंची वन विभाग की टीम पर उस वक्त रेत माफिया ने हमला कर दिया, जब उन्होंने एक रेत से भरा ट्रैक्टर पकड़ लिया। रेत माफिया वन विभाग के अमले पर पथराव करते हुए रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली व आरोपी ड्राइवर को छीनकर ले गए। घटना
बुधवार सुबह 11 बजे की है।वन विभाग कैलारस की रेंजर दीपमाला शिवहरे, डिप्टी रेंजर लाखन सिंह, जौरा डिप्टी रेंजर आरपी रायकवार, सबलगढ़ डिप्टी रेंजर जगदीश प्रसाद त्रिवेदी वन विभाग के 10 से अधिक एसएएफ जवानों के साथ चचेड़ी गांव में बन रहे स्टाप डैम में चंबल रेत के उपयोग होने की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंचे। वन अमले को यहां काफी तादाद में चंबल रेत मिला, जिसे वन अमले ने नष्ट करा दिया। सुबह 10.30 बजे इस कार्रवाई से लौटते वक्त वन विभाग को
कैलारस क्षेत्र में ही रेत से भरा एक ट्रैक्टर आता हुआ दिखा। वन विभाग के वाहन देखते ही आरोपी ड्राइवर ने इसे नए पुल के बजाय रेलवे पुल पर दौड़ा दिया लेकिन यहां से निकलकर यह नैपरी गांव में घुस गया। वन विभाग के अफसरों ने गांव में घुसकर ट्रैक्टर व उसे दौड़ा रहे ड्राइवर को पकड़ लिया। वन विभाग का अमला जब ट्रैक्टर व आरोपी ड्राइवर को पकड़कर लाने लगा तभी ड्राइवर उनके चंगुल से छूटकर भाग निकला। इतना ही नहीं कुछ दूरी पर जाकर 10 से 15 लोगों ने एकत्रित होकर वन विभाग के अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले की वजह से अफसर हड़बड़ाकर अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर छुप गए और माफिया के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली को लेकर भाग गए।