Permission stuck in 3 departments for 5 months, this year will not get water from Amrit scheme | 3 विभागों में 5 माह से अटकी अनुमति, इस साल भी नहीं मिलेगा अमृत योजना से शहर को पानी

Permission stuck in 3 departments for 5 months, this year will not get water from Amrit scheme | 3 विभागों में 5 माह से अटकी अनुमति, इस साल भी नहीं मिलेगा अमृत योजना से शहर को पानी


डबरा15 घंटे पहले

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अमृत योजना के तहत सिंध नदी के पास इंटक बेल पर बनाया जा रहा फिल्टर प्लांट।

  • एनएचएआई, रेलवे और पीडब्ल्यूडी से पाइप लाइन डालने के लिए नगर पालिका को अनुमति का इंतजार

दो बार बढ़ाया जा चुका है प्रोजेक्ट का काम, लेकिन फिर भी नहीं हो पाया पूरा सिटी रिपोर्टर | डबरा शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के वार्डवासियों को पानी दिलाने के लिए पाइप लाइन डालने का काम एनएचएआई, रेलवे और पीडब्ल्यूडी से अनुमति नहीं मिलने के कारण अधूरा ही है। पांच से छह माह का समय बीतने के बाद भी तीनों ही जगह से नगर पालिका को अभी तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यही वजह है कि काम में देरी हो रही है, जिसकी वजह से इस साल भी गर्मियों में शहरवासियों को योजना से पानी नहीं मिल पाएगा और सभी को पानी के लिए परेशान होना पड़ेगा। दरअसल, नगरपालिका द्वारा अमृत योजना के तहत 44 करोड़ की लागत से पाइप लाइन डालने व टंकियों का निर्माण कराए जाने का काम कराया जा रहा है। इसके लिए सिंध नदी से चांदपुर तिराहा तक ग्वालियर झांसी हाईवे तथा चांदपुर तिराहा से शहर से निकले 8 किलोमीटर लंबे हाईवे पर पाइप लाइन डालने के लिए एनएचएआई की अनुमति की जरुरत है। लेकिन करीब छह माह का समय बीत जाने के बाद भी एनएचएआई द्वारा अभी तक अनुमति प्रदान नहीं की गई है। एनएचएआई द्वारा अनुमति के लिए जो प्लान मांगा गया है उसे नपा द्वारा पूरा नहीं किया गया है। इसके अलावा रेलवे ने भी पटरियों के नीचे पाइप लाइन डाले जाने के लिए मांगी गई अनुमति नहीं दी गई है।

8 माह का अतिरिक्त समय भी पूरा होने को है लेकिन काम अभी तक नहीं निपटा सकी नपा अमृत योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए 44 करोड़ से अधिक की राशि से पानी की टंकियों को भरने के लिए सिंध नदी से टंकियों तक हाईवे से होकर मेन लाइन, शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई लाइन और फिल्टर प्लांट का काम होना है। इसके लिए मार्च 2019 में वर्क ऑर्डर जारी हुआ। तब लेकिन वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली तो ठेकेदार ने काम नहीं किया और 8 माह का अतिरिक्त समय दिया गया, जो दिसंबर 2020 में पूरा होगा, लेकिन हाईवे पर पाइप लाइन डालने के लिए नगर पालिका अभी तक हाईवे अथॉरिटी से अनुमति नहीं ले सकी है, जिससे मेन पाइप लाइन नहीं डाली जा सकी है।

तीनों विभाग से परमिशन के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं एनएचएआई, रेलवे और पीडब्ल्यूडी से पाइप लाइन डाले जाने के लिए परमिशन के लिए हम लगातार लगातार फॉलो कर रहे हैं। सभी को प्रोजेक्ट की सभी जानकारी व अन्य औपचारिकता पूर्ण करकर दी हैं। पंद्रह दिनों से एनएचएआई अधिकारियों के संपर्क में हैं, लेकिन हर बार वह कोई न कोई कमी निकाल देते हैं। – धर्मेंद्र भदौरिया, सब इंजीनियर, नपा, डबरा

8 में से 5 टंकियों का काम 50 फीसदी पूरा हो सका है असल में पाइप लाइन डालने के लिए तो परमीशन नहीं मिल पा रही। वहीं ठेका कंपनी बानको भी काम धीमी गति से कर रही है। योजना के तहत कुल आठ टंकियों का निर्माण कार्य किया जाना है, जिसमंे से अभी पांच टंकियों का काम ही 50% तक पूरा हो पाया है। वहीं डबरा गांव, मगरौरा और अर्रु में बनने वाली टंकी का काम अभी हाल में ही शुरु हुआ है। वहीं योजना के तहत शहर में करीब 250 किमी पाइप लाइन डाली जानी है, जिसमें से अभी तक करीब 80 किमी पाइप लाइन ही डाली जा चुकी है।



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