जानें क्या है पूरा प्रोसेस…
>> लोन के लिए आवेदन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है. ऑनलाइन के लिए बैंक की वेबसाइट पर जाना होगा. वहीं, ऑफलाइन के लिए बैंक की ब्रांच में जाना होगा.
>> उसके बाद जिस बैंक से लोन लेना है उसकी प्री ओन्ड कार लोन सेक्शन पर जाकर पूरी डिटेल चेक करें.>> HDFC, SBI, ICICI बैंक की वेबसाइट पर भी इनके बारे में देख सकते हैं. कुछ बैंक आपसे पुरानी कार खरीदने के लिए लोन लेने के लिए 20 से 30 फीसदी डाउनपेमेंट करने को कह सकते हैं.
>> बार आपको 100 फीसदी तक लोन मिल जाता है.
>> उसके बाद लों देने वाले बैंक से आप कितनी राशि के पात्र हैं, ब्याज की दर, प्रोसेसिंग फीस, कितने टाइम के लिए चाहिए और EMI के बारे में जान लें.
>> अगर आप लोन को प्रीपे या फोरक्लोज करना चाहते हैं तो आपको कर्जदाता से प्रीपेमेंट चार्ज के बारे में पूछना चाहिए.
>> सेकेंड हैंड कार के लिए लोन की अवधि 5 साल हो सकती है. यह कार की उम्र पर निर्भर करेगी.
ये भी पढ़ें : ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन से लेकर ई-चालान तक बदल गए ये नियम, आज से हुए लागू
इन डाक्यूमेंट की पड़ेगी जरूरत
>> फोटो आईडी जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस
>> 3 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ साइन किया हुआ एप्लीकेशन फॉर्म
>> एड्रेस प्रूफ
>> अपडेटेड पासबुक या बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट
>> अगर आवेदक सैलरीड है तो पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप
>> फॉर्म 16 या इनकम टैक्स रिटर्न के दस्तावेज
अगर आवेदक सेल्फ इम्प्लॉयड है तो
>> पिछले दो साल की बैलेंसशीट
>> पिछले दो साल के आईटीआर डॉक्यूमेंट
>> बिजनेस प्रूफ के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन
>> आईटी असेसमेंट/क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, इनकम टैक्स चालान/टीडीएस सर्टिफिकेट/फॉर्म 26एएस
अब आपको पुरानी कार खरीदने से पहले कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए. कार डीलर्स अक्सर लोगों को सेकंड हैंड कार में चूना लगा देते हैं. अच्छा पेंट, एसी, म्यूजिक सिस्टम और इंटीरियर जैसी चीजों से कस्टमर को आकर्षित करने की कोशिश करते हैं. जिससे कार की दूसरी अहम चीजों तक ध्यान न जाए. कुछ ऐसी बेहद जरूरी बातें हैं जो आपको सेकंड हैंड कार खरीदते वक्त ध्यान रखनी है. ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन कार खरीदें, मैकेनिक से अच्छे से चेक करा लें, ज्यादा डिस्काउंट या तारीफ की तरफ आकर्षित न हो, कार के लुक से ज्यादा उसे चला कर देखें, कार का एक्सीडेंट तो नहीं हुआ ऐसे पता करें और अंतिम बात पूरे पेपर्स मिलने पर ही कार खरीदें.