Breaking 13-year-old innocent playing with children hanged in Bhopal, father rushed to hospital, doctor said dead | बच्चों के साथ खेल रहे 13 साल के लड़के को फांसी लगी, पिता तुरंत अस्पताल ले गए; डॉक्टर ने कहा- मौत हो चुकी है

Breaking 13-year-old innocent playing with children hanged in Bhopal, father rushed to hospital, doctor said dead | बच्चों के साथ खेल रहे 13 साल के लड़के को फांसी लगी, पिता तुरंत अस्पताल ले गए; डॉक्टर ने कहा- मौत हो चुकी है


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भोपाल26 मिनट पहले

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कोलार पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में मामला हादसे का माना जा रहा है।

  • बच्चों की आवाज सुनकर पिता मौके पर पहुंचे तो बेटा फंदे पर लटका था
  • पुलिस को हादसे की आशंका, अभी सुसाइड के साक्ष्य या करण नहीं मिले

भोपाल के कोलार इलाके में 13 साल के एक लड़के की फांसी लगने से मौत हो गई। हादसे के वक्त वह बच्चों के साथ खेल रहा था। बच्चों का शोर सुनते ही मौके पर पिता पहुंचे और बेटे को अस्पताल ले गए, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

कोलार पुलिस के अनुसार, बोरदा गांव निवासी पूरन आदिवासी प्राइवेट जॉब करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि शनिवार शाम उनका 13 वर्षीय बेटा राघवेंद्र दूसरे बच्चों के साथ बाहर खेल रहा था। इसी दौरान बच्चों ने चिल्लाना शुरू कर दिया। सभी राघवेंद्र का नाम ले रहे थे। किसी आशंका के चलते दौड़कर वहां पहुंचा तो राघवेंद्र फंदे पर लटका मिला। उसे तत्काल जेपी अस्पताल ले गए, तब तक काफी देर हो चुकी थी।

टीआई कोलार सुधीर अरजरिया ने बताया कि घटनास्थल से किसी तरह के सुसाइड के कारण या साक्ष्य नहीं मिले हैं। अब तक की जांच में ऐसा लगता है, जैसे बच्चा खेल-खेल में फंदे पर लटक गया होगा। घटना कैसे और किन परिस्थितियों में हुई इसके लिए वहां खेल रहे बच्चों के बयान दर्ज किए जाएंगे। क्योंकि सभी नाबालिग हैं, इसलिए उनसे काउंसलर के जरिए पूछताछ की जाएगी।

बच्चों पर रखें हमेशा ध्यान

टीआई ने बताया कि भोपाल में इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। बच्चों के खेलने के दौरान उन पर नजर रखना जरूरी होता है। बच्चे अधिक ऊंचाई पर ना चढ़ें। गले में किसी भी तरह की रस्सी, दुपट्टा, साड़ी या अन्य चीजें ना डालें। ना ही गले में डालकर वह यहां वहां भागें। इसके अलावा माचिस समेत अन्य चीजों जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम भी बच्चों की पहुंच से दूर होना चाहिए। या इन्हें सुरक्षा कवच के साथ रखना चाहिए। बच्चों के द्वारा किसी भी तरह की लापरवाही करने पर उन्हें समझाइश देना भी जरूरी है।



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