उपचुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है. (File)
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा (Sajjan Singh Verma) ने कहा है कि सिंधिया ने दल बदल कर बीजेपी का भगवा रंग ओड़ा है, लेकिन कांग्रेस की मूल विचारधारा से जुड़े लोगों ने सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया और मूल कांग्रेसियों को ही उपचुनाव में पार्टी ने टिकट देने का काम किया है.
कांग्रेस में जिन 8 सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारा है, उनमें दिमनी से रविंद्र सिंह तोमर, अंबाह से सत्य प्रकाश सखवार, ग्वालियर से सुनील शर्मा, डबरा से सुरेश राजे, अशोकनगर से आशा दोहरे, जोरा से पंकज उपाध्याय, पोहरी से हरीवल्लभ शुक्ला और मुंगावली से कन्हैया राम लोधी शामिल हैं.
बीजेपी ने कसा तंज
वहीं, ग्वालियर चंबल की 8 सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने के कांग्रेस के ऐलान पर बीजेपी ने तंज कसा है. प्रदेश के कैबिनेट मिनिस्टर अरविंद सिंह भदोरिया ने कहा है कि कांग्रेस के पास उपचुनाव में उतारने के लिए उम्मीदवार नहीं है और यही कारण है कि इधर-उधर से तलाश कर कांग्रेस प्रत्याशी तय कर रही है. वहीं, आठ सीटों पर सिंधिया समर्थकों को चुनाव मैदान में उतारने पर कांग्रेस ने कहा है कि जिनका डीएनए कांग्रेस का है, उन्हे ही कांग्रेस का उम्मीदवार घोषित किया गया है.सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा है कि सिंधिया ने दल बदल कर बीजेपी का भगवा रंग ओड़ा है, लेकिन कांग्रेस की मूल विचारधारा से जुड़े लोगों ने सिंधिया का साथ नहीं देने का फैसला किया और मूल कांग्रेसियों को ही उपचुनाव में पार्टी ने टिकट देने का काम किया है. बहरहाल, इस बार का उपचुनाव बेहद दिलचस्प रहने वाला है. कभी ग्वालियर, चंबल इलाके में सिंधिया के समर्थन में कांग्रेस का झंडा उठाने वाले चेहरे अब सिंधिया के खिलाफ उपचुनाव में मैदान में हैं. यानी कि ग्वालियर चंबल की 8 सीटों पर सिंधिया के पुराने कांग्रेसी समर्थक और सिंधिया के मौजूदा भाजपाई समर्थकों के बीच मुकाबला होगा.