Do not fall ill at night… because the nursing staff falls asleep in the district hospital | रात को बीमार मत पड़ना…क्योंकि जिला अस्पताल और मकरोनिया स्वास्थ्य केंद्र में दरवाजा लगाकर सो जाता है अमला

Do not fall ill at night… because the nursing staff falls asleep in the district hospital | रात को बीमार मत पड़ना…क्योंकि जिला अस्पताल और मकरोनिया स्वास्थ्य केंद्र में दरवाजा लगाकर सो जाता है अमला


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सागर18 घंटे पहले

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जिला अस्पताल : इमरजेंसी रूम में कोई नहीं, नर्स ड्यूटी रूम बंद।

  • रात 3 बजे शहर के दो अस्पतालों में पहुंचा भास्कर, सिर्फ एक डॉक्टर जागकर ड्यूटी दे रहे थे
  • मंत्रीजी, गढ़ाकोटा स्वास्थ्य केंद्र की तरह शहर के अस्पतालों का भी आधी रात को दौरा कर लीजिए
  • जिला अस्पताल के 6 वार्डों में नर्सिंग स्टॉफ सोता मिला,

संभागीय मुख्यालय के सरकारी अस्पतालों में भी रात के वक्त निरीक्षण किए जाने की जरूरत है। दरअसल शहर के अस्पतालों में भी रात के वक्त तैनात किया जाने वाला स्वास्थ्य अमला सोता रहता है। यह हालात रविवार की रात उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में देखने को मिले। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कर्मचारी अंदर से दरवाजा लगाकर अस्पताल के अंदर सोते पाए गए। जबकि जिला अस्पताल में सभी 6 वार्डों में नर्सिंग स्टाफ अपने-अपने ड्यूटी रूम में सोता मिला है।

ऐसे में यदि इन अस्पतालों में कोई इमरजेंसी केस आ जाए तो स्टाफ को पहले नींद से जगाना होगा। इसके बाद ही मरीज का इलाज शुरू हो पाएगा। मंत्री गोपाल भार्गव ने रात को गढ़ाकोटा अस्पताल का दौरा किया तो कार्रवाई हुई, लेकिन जिम्मेदारों को अन्य अस्पतालों का भी दौरान करना चाहिए।

अस्पताल का गेट अंदर से बंद मिला, परिसर के बाहर रखीं थी दो गाड़ियां

अस्पताल का गेट अंदर से बंद है। परिसर में कर्मचारियों की 2 गाड़ियां खड़ी हैं। रजिस्ट्रेशन विंडो खुली है। फीवर क्लीनिक पंजीयन कक्ष की खिड़की बंद है और अस्पताल में नाइट ड्यूटी पर मौजूद तीनों कर्मचारी मसलन स्वीपर, स्टाफ नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सो रहे हैं। आवाज देकर उन्हें जगाया गया। अस्पताल के अंदर 5 मरीजों को भर्ती करने के लिए पलंग बिछे हैं। लेकिन किसी भी पलंग पर मरीज नहीं है। अस्पताल की जिम्मेदारी एकमात्र डॉक्टर डॉ. स्वेता स्टीफन के हवाले है। सुबह 9 बजे डॉक्टर आते हैं और शाम 6 बजे तक अस्पताल में रहती हैं। इसके बाद इमरजेंसी आने पर ऑनकॉल ड्यूटी पर स्टाफ उन्हें बुलाता है।

कहीं डॉक्टर मोबाइल पर व्यस्त तो कहीं नर्सिंग स्टॉफ नींद में

जिला अस्पताल | रात 3:32 बजे

रजिस्ट्रेशन काउंटर खुला है। अंदर दो कर्मचारी सो रहे हैं। डॉक्टर ड्यूटी रूम में पदस्थ डॉक्टर मोबाइल पर व्यस्त हैं। उनसे नाम पूछा गया तो उन्होंने बताने से मना कर दिया।

मेडिसिन वार्ड-3| रात 3:40 बजे

वार्ड में मौजूद सभी 21 पलंग पर मरीज है। इनके करीब 50 परिजन पलंग के आसपास और गलियारे में सो रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ भी ड्यूटी रूम में सो रहा है। मरीजों के परिजन पानी तथा अन्य चीजों के लिए इक्का-दुक्का आ जा रहे हैं।

मेडिसिन वार्ड-1 | रात 3:48 बजे

इस वार्ड में भी 21 पलंग पर मरीज भर्ती है। साथ ही इनके करीब 30 परिजन आसपास सो रहे हैं। इस वार्ड में भी नर्सिंग स्टाफ ड्यूटी रूम में नींद ले रहा है। मरीज भी नींद में है।

सर्जरी वार्ड-5 | रात 3:58 बजे

इस वार्ड में 37 पलंग है। करीब 34 पलंग पर मरीजों को भर्ती किया गया है। आसपास मरीजों के करीब 50 परिजन सो रहे हैं। नर्सिंग स्टाफ भी अपने ड्यूटी रूम में नींद ले रहा है। वहीं सर्जरी वार्ड नंबर 4 में भी अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं।

सीएमएचओ का अजीब तर्क- स्वास्थ्य अमले की कमी, जिले में नौकरी के लिए कोई आना नहीं चाहता

सीधी बात : डॉ. एमएस सागर, सीएमएचओ सागर

ड्यूटी के दौरान रात के वक्त क्या स्वास्थ्य अमला सो सकता है?

जवाब – ड्यूटी के दौरान सोना तो गलत है।लेकिन यह तब जब यदि कोई इमरजेंसी अस्पताल में आई हो।

दो अस्पतालों में स्टाफ सोता मिला है।आप क्या कार्रवाई करेंगे?

जवाब : कोविड-19 का प्रकोप चल रहा है। वैसे भी जिले में स्वास्थ्य अमले की कमी है। कोई हमारे जिले में नौकरी करने के लिए नहीं आना चाहता। फिर भी आपने बताया है तो मैं दिखावाता हूं। खुद अस्पतालों का निरीक्षण करूंगा।



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