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- Fewer Devotees Reached For Mahakal Darshan In Corona Period, In Such A Situation, What Improvement In Excesses Erosion
उज्जैन16 घंटे पहले
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महाकाल मंदिर में ज्योतिर्लिंग का परीक्षण करते जांच दल सदस्य।
- जांच रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत करेगी टीम
असंख्य श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन महाकाल दर्शन के दौरान ज्याेर्तिलिंग अभिषेक में पंचामृत, जल व अन्य पूजन सामग्रियाें के अर्पण से क्या प्रभाव पड़ता है इसकी जांच के लिए रविवार को एक बार फिर भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण दल की टीम जांच के लिए शहर पहुंची। टीम के साथ मंदिर प्रशासक सोजनसिंह रावत, सहायक मूलचंद जूनवाल पूरे समय उपस्थित रहे। जांच के दौरान टीम के सदस्यों ने ज्योर्तिलिंग का परीक्षण किया।
हालांकि इस बार यह जांच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 25 मार्च से कोरोना की वजह से लगाए गए लॉकडाऊन से महाकाल में प्रवेश प्रतिबंधित था। टीम को यह जानना था कि लॉकडाऊन और उसके बाद अनलॉक हाेने के बाद भी कम संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के कारण ज्योर्तिलिंग क्षरण की स्थिति पहले जैसी है, या फिर इसमें कोई सुधार हुआ है।
फिलहाल ज्योर्तिलिंग पर पंचामृत, जल व पूजन सामग्री अर्पित नहीं की जा रही
महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग क्षरण का मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद जीएसआई को ज्योर्तिलिंग की जांच करने को कहा गया था। दल ने पहले भी यहां पहुचंकर जांच की थी। वर्तमान में गर्भगृह में लॉकडाऊन के बाद से ही श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। अनलॉक की घोषणा के बाद सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही ज्योर्तिलिंग के दर्शन, पूजन और अभिषेक भक्तों को करने दिया जा रहा है।
फिलहाल ताे गर्भगृह में प्रवेश तक प्रतिबंधित है, यानि कि कोरोना की वजह से ज्योर्तिलिंग पर पंचामृत, जल व अन्य पूजन सामग्री अर्पित नहीं की जा रही है। एएसआई और जीएसआई की टीम यहीं पता लगाने यहां पहुंची है कि लॉकडाउन में आम श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहने के दौरान शिवलिंग क्षरण पर क्या प्रभाव पड़ा। इससे भविष्य में ज्योर्तिलिंग क्ष्ररण को रोकने के लिए क्या उपाय करना हैं यह पता लगाया जा सकेगा।
टीम ने हमसे सीधे कोई चर्चा नहीं की
रविवार सुबह लगभग 10.30 बजे आठ सदस्यीय टीम ने गर्भगृह में ज्योतिर्लिंग का परीक्षण किया है। टीम ने हमसे सीधे कोई चर्चा नहीं की है। बस इतना बताया कि हमारी रिपोर्ट हम सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे। आरके तिवारी, सहायक प्रशासक, महाकाल मंदिर समिति