नीमच4 मिनट पहले
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- जिले में 9वीं से 12वीं तक 22 हजार से ज्यादा बच्चे, शिक्षा विभाग के सर्वे में सामने आया
- 14934 ही हो रहे हैं पढ़ाई में शामिल, 7093 बच्चों की अलग-अलग समस्याएं
कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्कूल बंद है। बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रहे इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। लेकिन हालात यह हैं कि जिले में 33 फीसदी बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। कारण- किसी के पास एंड्राइड मोबाइल नहीं हैं ताे काेई नेटवर्क की समस्या से परेशान हैं। हालांकि शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं उन्हें मोहल्ला क्लास या फिर स्कूल खुलते ही एक्सट्रा क्लास लगवाकर पढ़ाई कराई जाएगी।
जिले के सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वी से 12वीं तक करीब 22 हजार विद्यार्थी हैं। कोरोना संकट के चलते स्कूल नहीं खुल पा रहे है। विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो, इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश थे। इसमें डीजी लैब प्रणाली से वाट्सएप, डीडी चैनल व केबल से उन्हें जोड़ने का प्रयास किया गया। इसके लिए स्कूल स्तर पर मोबाइलों पर कक्षा स्तर पर ग्रुप बनाए गए और वीडियो कालिंग तथा केवल नेटवर्क टीवी के माध्यम से पढ़ाई भी शुरू करा दी गई। शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन पढ़ाई में शामिल बच्चों का सर्वे व मॉनीटरिंग की व्यवस्था भी की।
विभाग के सर्वे के मुताबिक 33 फीसदी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिले के सिंगोली व दूरस्थ क्षेत्रों में नेटवर्क सबसे बडी समस्या है। गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय की पढ़ाई में बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत आ रही है। अभिभावकों का कहना है कि मोबाइल की स्क्रीन छोटी होती है। ऐसे में लेक्चर तो समझ आते हैं लेकिन बोर्ड पर कराई जाने वाली गणित बच्चों को ठीक से समझ नहीं आ रही।
इस कारण छात्र नहीं जुड़ पा रहे ऑनलाइन पढ़ाई से
सरकारी स्कूलों में अधिकांश गरीब तबके के बच्चे प्रवेश लेते है। ऐसे में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण स्मार्ट मोबाइल नहीं होना, नेटवर्क नहीं मिला, रिचार्ज करने की समस्या, टीवी भी उपलब्ध नहीं होना है।
5 दल गठित: जो प्रतिदिन कर रहे हैं मॉनिटरिंग
जिले में ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनिटरिंग के लिए 5 दल गठित कर रखे है। इसके लिए रोज एक टीम द्वारा 17 विद्यालयों के शिक्षकों के वाट्सएप ग्रुप में एक लिंक भेजी जाती है जिसके बाद वह बच्चों को भेजकर पढ़ाई करवाते है। इसके बाद टीम उनसे फीड बैक भी ले रही है कितने बच्चों को उससे पढ़ाई कराई गई है।
ऑनलाइन पढ़ाई की रोज कर रहे हैं मॉनिटरिंग
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों में इस बार ऑनलाइन व केबल नेटवर्क के माध्यम से बच्चों को जोड़कर पढाई कराई जा रही है। जिसकी रोजाना मॉनिटरिंग भी कर रहे है। इसके अनुसार जिले में कक्षा 9वीं से 12वीं तक 33 फीसदी बच्चे विभिन्न कारणों व समस्याओं के चलते पढा़ई से नहीं जुड़ पा रहे है। उन्हें जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। घर जाकर या फिर मोहल्ले क्लास के माध्यम से उनकी पढ़ाई करवाएंगे। ऐसे बच्चे अपनी दिक्कतों का समाधान करने के लिए विद्यालय भी आ सकते है।
केएल बामनिया, डीईओ नीमच