डॉ गोविंद सिंह ने उम्मीदवारों के चयन पर सवाल खड़े किये हैं. (फाइल फोटो)
MP By election: उपचुनाव को लेकर उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक डॉ गोविंद सिंह (Govind Singh) ने कहा कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र है ही नहीं. कई सालों से देख रहा हूं चुनाव समिति की बैठक होती ही नहीं है.
उम्मीदवारों के चयन को लेकर मचा है घमासान
दरअसल कांग्रेस पार्टी के अंदर 28 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के चयन को लेकर घमासान मचा हुआ है. सबसे ज्यादा मुश्किल मुरैना और मेहगांव सीट को लेकर है. बताया जा रहा है कि मेहगांव सीट से डॉक्टर गोविंद सिंह के भांजे राहुल सिंह की दावेदारी के कारण सीट पर फैसला नहीं हो पा रहा है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ यह साफ कर चुके हैं कि निजी एजेंसी से कराए गए सर्वे के आधार पर ही जिताऊ उम्मीदवार को चुनाव में टिकट दिया जा रहा है. और पार्टी की इस नई व्यवस्था पर ही डॉक्टर गोविंद सिंह ने आपत्ति जता दी है.
डॉक्टर गोविंद सिंह ने उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया के लिए हुए सर्वे की रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए हैं. डॉक्टर गोविंद सिंह के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन को लेकर पार्टी के कराए गए सर्वे औपचारिक हैं, जबकि इसमें स्थानीय नेता और कार्यकर्ताओं की राय ली जाना चाहिए.बीजेपी ने मिलाया सुर
वहीं गोविंद सिंह के सवाल उठाने पर बीजेपी बिना देरी किए पूर्व मंत्री के समर्थन में आगे आ गई. मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के अंदर राष्ट्रीय स्तर से लेकर प्रदेश इकाई तक में लोकतंत्र को खत्म कर दिया गया है. और व्यक्ति विशेष पार्टी के सभी बड़े फैसले करते हैं. डॉक्टर गोविंद सिंह का बयान यह साफ जाहिर करता है कि कांग्रेस पार्टी के अंदर आंतरिक लोकतंत्र पूरी तरीके से खत्म हो गया है.
16 सीटों पर पार्टी को हो सकती है परेशानी
बहरहाल ग्वालियर चंबल की 16 सीटों के उपचुनाव से पहले डॉक्टर गोविंद सिंह की यह नाराजगी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी करती हुई नजर आ रही हैं. पार्टी के फैसलों को लेकर मुखर रहने वाले डॉक्टर गोविंद सिंह ने पार्टी की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर पूरी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है. इसी के साथ बीजेपी को कांग्रेस की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला करने का बड़ा मौका भी दे दिया है.