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भोपाल33 मिनट पहले
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नगर निगम के खिलाफ भारी मात्रा में भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस और अधिकारी लोगों को मनाने का प्रयास करते रहे।
- यहां रहने वाले 42 परिवार 6 साल से घर के लिए भटक रहे
- दो साल में नए मकान मिलने का आश्वासन मिला था
भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंचे नगर निगम के अमला और स्थानीय लोगों में जमकर बहसबाजी हो गई। महिलाएं जेसीबी मशीन के सामने लेट गईं। युवाओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर हाथ लगाए, तो आग लगा लेंगे। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर पुलिस बल को भी बुलाया गया। लोगों ने इसको लेकर एक बार फिर ज्ञापन दिया है। अभी भी वहां हंगामा चल रहा है।

मौके पर ही पीड़ितों ने ज्ञापन को लिखा और अपनी शर्तें पढ़कर सुनाई।
बाजपेयी नगर में शुक्रवार दोपहर नगर निगम का अतिक्रमण अमला पहुंचा। यहां पर रहने वाले 42 घरों को अतिक्रमण का बताते हुए गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। जेसीबी मशीन को देखते ही महिलाएं उसके सामने लेट गईं। लोगों के विरोध को देखते हुए पुलिस को बुलाया गया। लोगों ने आरोप लगाए कि करीब 6 साल पहले वे यहां पर ही रहते थे।

अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हुए।
बारिश के दौरान दीवार धसने से एक महिला की मौत हो गई थी। उसके बाद प्रशासन ने यहां से हटाते हुए कहा कि दो साल में यहां पर नए मकान तैयार करके दे दिए जाएंगे। उन्होंने यहां से विस्थापित कर दिया। दो साल तक मकान नहीं बनने पर यहां पर हम रहने आ गए। हमारे पास इस जमीन के सभी कागजात हैं। यहां कभी सफाई नहीं हुई, लेकिन निगम आज हमारे मकान तोड़ने आ गए। अगर उन्होंने कार्रवाई करने का प्रयास किया, तो हम खुद को आग लगा लेंगे।

लोगों ने कहा कि अगर मकान को हाथ लगाया, तो खुद को आग लगा लेंगे।
खुद ही बना लिए मकान
शाहजहानाबाद थाना क्षेत्र के बाजपेयी नगर में रहने वाले लोगों को 2015 से अब तक मकान बनाए जाने का इंतजार है। मकान नहीं बनने के कारण लोग ही वहां पहुंच गए। इसी को तोड़ने के लिए शुक्रवार को नगर निगम अमला पहुंच गया। इस पर लोगों ने विरोध जताते हुए एक ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने कहा कि अब वे तब तक यहां से नहीं हटेंगे, जब तक कि उन्हें नए मकान तय समय सीमा में बनाए जाने का आश्वास नहीं मिल जाता। ज्ञापन को मौके पर पढ़ा गया।