निवाड़ी3 घंटे पहले
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मीडिया सेल प्रभारी एनपी पटेल ने बताया कि पीड़िता 19 अक्टूबर 2018 को दशहरे के दिन लगभग 3 बजे देवी विसर्जन के लिए गई थी। तभी गांव का संतराम रैकवार सफेद रंग की गाड़ी से आया और पीड़िता को बुलाकर प्रसाद का लड्डू खिलाया और पड़िता को गाड़ी के अंदर खींच लिया। गाड़ी में आगे की सीट पर संतराम का जीजा गौतम ड्राइवर बैठा हुआ था। आरोपी पीड़िता को गाड़ी में बैठाकर झांसी ले गए थे। जहां पर आरोपी संतराम ने पीड़िता के साथ शारीरिक दुराचार किया।
वहां से आरोपी पीड़िता को डबरा जिला ग्वालियर ले गए। डबरा से ड्राइवर गाड़ी लेकर चला गया था तथा गौतम एवं संतराम ने उसे डबरा में उतार लिया था और वहां से दिल्ली ले गया। फिर वापस झांसी आए जहां से संतराम ट्रेन से पीड़िता को बरूआ सागर लाया और स्टेशन पर उससे बोला कि अगर किसी को कुछ बताया तो जान से खत्म कर देंगे और भाग गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना निवाड़ी में 363, 366, 376डी भादवि एवं पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। दौरान विवेचना में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया था। जो निवाड़ी जेल में निरुद्ध है। 10 अक्टूबर को शनिवार को आरोपी गौतम वाथम द्वारा न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन पेश किया गया था।
जिसमें अभियोजन अधिकारी/ विशेष लोक अभियोजक पंकज द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत जमानत आवेदन का विरोध किया गया। जिससे सहमत होकर न्यायालय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश निवाड़ी द्वारा आरोपी के उक्त जमानत आवेदन को खारिज कर दिया।