सीधी जिले में संचालित सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में रंगोली बनाकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बेटी है तो कल है’ स्लोगन पर जोर दिया गया था
सीधी जिले में संचालित 1836 आंगनबाड़ी केंद्रों में 11 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय किशोरी दिवस के मौके पर कलेक्टर के निर्देश पर रंगोली का निर्माण करवाया था. इन रंगोलियों पर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बेटी है तो कल है’ स्लोगन पर जोर दिया गया था
- News18Hindi
- Last Updated:
October 12, 2020, 11:38 PM IST
दरअसल सीधी जिले में संचालित 1836 आंगनबाड़ी केंद्रों में अंतर्राष्ट्रीय किशोरी दिवस के अवसर पर कलेक्टर रविंद्र चौधरी के निर्देश पर रंगोली का निर्माण करवाया था. इन रंगोलियों पर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बेटी है तो कल है’ स्लोगन पर जोर दिया गया था. महिला बाल विकास विभाग द्वारा अभियान को जन-जन और ग्राम स्तर तक पहुंचाने का काम रंगोली के माध्यम से किया गया था. इस कार्यक्रम में ग्रामीण किशोरियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और उपस्थित लोगों को किशोरी स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा एवं सुरक्षा को लेकर जागरूक किया. इसको लेकर केंद्र सरकार ने सीधी जिले को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड से प्रमाणित कर महिला बाल विकास विभाग को प्रमाणपत्र जारी किया है.
महिला बाल विकास अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि इस अभियान का प्रचार प्रसार कराने का काम पिछले चार माह से चल रहा था, लेकिन बड़े स्तर पर नहीं हो सका था. यह देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर सभी आगनबाड़ी केंद्रों में रंगोली के माध्यम से ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का लोगो बनाया गया. यहां तमाम लोग और किशोरियों उपस्थित हुई और उन सभी को इस अभियान के बारे में बताया गया. साथ ही बेटियां क्या हैं, हमारे समाज में उनका क्या महत्व है इसके बारे में लोगों को अवगत कराया गया.