इंदौर8 मिनट पहले
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प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना।
- प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने सांवेर विधानसभा के लिए संकल्प पत्र पेश किया, घर-घर नर्मदा लाने का वादा
- विजयवर्गीय को रावण कहने वाले पूर्व मंत्री वर्मा को कहा – पहले अपनी शक्ल देखो और अपने कर्मों को देखो
सांवेर विधानसभा चुनाव में लगातार नेताओं की जुबानी जंग जारी है। शुक्रवार को सांवेर विधानसभा का संकल्प पत्र जारी करने पहुंचे प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को देश का सबसे बड़ा जयचंद कहा। वहीं, कमलनाथ को कहा कि वे अकेले घंटी बजाकर घूम रहे हैं। बुजुर्गों का सम्मान करना हमारा काम है, लेकिन उनकी हालत ऐसी है कि वे जनता के बीच जा नहीं सकते, ऐसे में उनके गुर्गे घूम रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा ने कहा कि साधु क्या होता है और शैतान क्या होता है, यह बताने की जरूरत नहीं है। अपना स्वार्थ ना देखते हुए जनता और समाज के लिए काम करना ये साधु प्रवृत्ति है। शैतान लूटने का काम करता है। मप्र को इन शैतानों ने बहुत लूटने का प्रयास किया है।

सांसद लालवानी ने मंच पर स्वागत किया।
स्टार प्रचारकों की सूची में सिंधिया का नाम 10वें नंबर पर होने को लेकर कहा कि भाजपा एक पद्धति के आधार पर काम करती है। पिछली बार मैं महामंत्री था और सबसे अंतिम नाम मेरा था, लेकिन अभी की स्टार प्रचारक की सूची में सबसे पहला नाम मेरा है। यह वीडी शर्मा के कारण नहीं, वह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को स्थान है। इसे लेकर उन्होंने एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार आडवानी जी एक कार्यक्रम में आए थे। उस समय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिसर के अध्यक्ष और महामंत्री के साथ ही वक्ता मंच पर थे। आडवानी जी के साथ आए लोग उन्हें ऊपर लेकर जाने की बात करने लगे। इस पर मैंने कहा कि एक बार आडवानी जी से पूछ तो लो। आडवानी जी उस समय देश के उप प्रधानमंत्री थे, उन्होंने कहा कि मंच पर जिसका स्थान है वह बैठेगा, मैं आज यहा सुनने आया हूं। मोदी जी ने भी अहमदाबाद में ऐसा ही किया था। सिंधिया जी का भी उतना ही स्थान है। वे हमारे वरिष्ठ नेता हैं। यहां पर ऊपर-नीचे का चक्कर बिल्कुल नहीं है।

सभी बड़े नेता मंच पर नजर आए।
शर्मा ने कहा कि उस समय सिंधिया जी ने हमारे खिलाफ चुनाव लड़ा, उनकी सरकार भी बनी। कमलनाथ सरकार ने ग्वालियर चंबल संभाग की अव्हेलना की, सांवेर की अनदेखी की, जिसके बाद सिंधिया जी और जीते हुए विधायकों को लगने लगा कि हमने जो वादे किए वो पूरे नहीं हो रहे हैं। जनता के बीच कैसे जाएंगे। जिन दिग्विजय सिंह ने मप्र को बंटाधार कर दिया, उनके कहने पर सरकार चला रहे हैं। इसके बाद उन्होंने यह निर्णय लिया। सिंधिया जी ने धारा 370 को देश के हित में बताया, राम जन्मभूमि को लेकर कहा यह हिंदुओं आस्था का केंद्र है। सीएए को लेकर जब पूरी कांग्रेस, जिसमें कमलनाथ और दिग्विजय सिंह शामिल थे। ये झूठ मंडली ढपली बजा रही थी। उस समय सिंधिया जी ने कहा था सीएए कानून देश हित में है। उनके मन में राष्ट्रवाद की बीज तो शुरू से ही था।

सिलावट को जिताने के लिए कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने को कहा।
कांग्रेस की मप्र के भीतर जमीन खिसक गई है। जो दिग्विजय सरकार चला रहे थे वे गायब हो गए हैं। कमलनाथ अकेले घंटी बजाकर घूम रहे हैं। बुजुर्गों का सम्मान करना हमारा काम है, लेकिन उनकी हालत ऐसी है कि वे जनता के बीच जा नहीं सकते, ऐसे में उनके गुर्गे जिसने कैलाश जी को रावण कहा, वे पहले अपनी शक्ल देखो और अपने कर्म देखो। यह बात कहोगे तो जनता तुम्हारे चेहरे पर रावण का मुखौटा लगा देगी। जिस लोकतंत्र की हत्या आपने की। राजमाता सिंधिया जैसी व्यक्तित्व को 19 महीने तक जेल में रखकर कांग्रेस ने लोकतंत्र को तार-तार किया। अब वे लोकतंत्र बचाने की बात करते हैं। सर्जिकल स्ट्राइक पर जश्न मनता है, दिग्विजय सिंह को इसका प्रूफ मांगते हैं। दिग्विजय सिंह देश के सबसे बड़े जयचंद हैं। ऐसे जय चंदों को मप्र ही नहीं देश की जनता जानती है।