फिरौती के लिए किया अपहरण, पहचान गया मासूम तो फिर कर दी हत्या

फिरौती के लिए किया अपहरण, पहचान गया मासूम तो फिर कर दी हत्या


आदित्य (इनसेट में फाइल फोटो) के अपहरण और हत्या के तीनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े.

आदित्य को मारने के पहले मुख्य आरोपी ने उसकी आवाज रिकॉर्ड कर ली थी. इसी आवाज को सुनाकर आरोपी ने बच्चे के पिता से फिरौती की रकम मांगी और फिर 17 अक्टूबर को 8 लाख रुपये वसूल लिए.


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 18, 2020, 8:26 PM IST

जबलपुर. धन्वन्तरी नगर इलाके से अपहृत हुए आदित्य लांबा ने मुख्य अपहरणकर्ता राहुल उर्फ मोनू विश्वकर्मा को पहचान लिया था और यही उसकी मौत की वजह बन गई. पहचान उजागर होने के डर से तीनों अपहरणकर्ताओं (Kidnappers) ने उसकी हत्या कर (Murder) लाश नहर में फेंक दी. हत्या के बाद भी अपहरणकर्ताओं ने आदित्य के परिवार से फिरौती की रकम ली थी. पुलिस ने इस वारदात (Crime) को अंजाम देने वाले तीनों आरोपियों (Accused) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया है. अपहरण और हत्या का यह मामला 15 अक्टूबर की शाम का है. कारोबारी मुकेश लांबा का 13 बरस का बेटा आदित्य किराना दुकान गया था. यहीं से आरोपियों ने बच्चे का अपहरण कर लिया था. दरअसल मुख्य आरोपी राहुल विश्वकर्मा उर्फ मोनू मुकेश लांबा के परिवार को अच्छी तरह से जानता था.

एक महीने पहले बनाई थी योजना

पैसों की तंगी और कर्ज के चलते मोनू ने अपने दो साथी मलय राय और करण जग्गी के साथ एक महीने पहले ही मुकेश लांबा के बेटे आदित्य के अपहरण की साजिश रची थी. इसके लिए मुकेश लांबा के घर की रेकी भी की गई. फिर मौका पाकर 15 अक्टूबर की शाम तीनों आरोपियों ने आदित्य लांबा का अपहरण कर लिया और उसके परिजनों से फोन कर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, मुख्य आरोपी राहुल विश्वकर्मा मोबाइल की दुकान पर पहले काम कर चुका है और अपहरण करने की योजना का मास्टरमाइंड है. उसने अपनी लोकेशन लगातार बदली और पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा.

बच्चे की आवाज सुनाकर वसूल की फिरौतीआदित्य को मारने के पहले मुख्य आरोपी ने उसकी आवाज रिकॉर्ड कर ली थी. इसी आवाज को सुनाकर आरोपी ने बच्चे के पिता से फिरौती की रकम मांगी और फिर 17 अक्टूबर को 8 लाख ले लिए. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर फिरौती की रकम में से 7 लाख 66 बरामद कर लिए हैं.

धन्वन्तरी नगर चौक किया जाम

पुलिस की कार्यशैली और बच्चे के सकुशल बरामद न होने से शहरवासियों में भारी आक्रोश है. लोगों का कहना है कि पुलिस ने अपना काम ईमानदारी से नहीं किया. बच्चे की हत्या से आक्रोशित कॉलोनी के लोगों ने परिजनों के साथ धन्वन्तरी नगर चौक जाम कर दिया और पुलिस चौकी में पदस्थ स्टाफ को हटाने की मांग की. बहरहाल इस अपराध को अंजाम देने वाले तीनों आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं. पुलिस ने पत्रकारवार्ता करने के पहले आरोपियों का जुलूस भी निकाला, जिससे लोग इन वहशियों के चेहरे देख सकें जिन्होंने पैसों के लिए एक मासूम को मौत के घाट उतार दिया. वहीं इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यशैली को कठघरे में खड़ा कर दिया है कि आखिर तकनीकी तौर पर मजबूत होने के बावजूद पुलिस समय रहते अपराधियों तक क्यों नहीं पहुंच पाई.





Source link