Water is not available in half the city for 25 days, now preparations for agitation | पटरी पार यानी आधे शहर में 25 दिन से समय पर नहीं मिल रहा पानी, अब आंदोलन की तैयारी

Water is not available in half the city for 25 days, now preparations for agitation | पटरी पार यानी आधे शहर में 25 दिन से समय पर नहीं मिल रहा पानी, अब आंदोलन की तैयारी


रतलाम17 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • धोलावड़ लबाबल पर सप्लाई गड़बड़, तय समय से 11 घंटे देर तक बंट रहा पानी

धोलावड़ डैम लबालब होने के बावजूद पिछले 25 दिनों से पटरी पार के 13 वार्डों में रहने वाले 32 हजार से ज्यादा रहवासियों को कभी समय पर पानी नहीं मिला। 5 से 11 घंटे की देरी से सप्लाई देने का सिलसिला लगातार चल रहा है। रविवार को लगातार छटे दिन देरी पानी मिला। सुबह 6 बजे की बजाए गंगासागर टंकी से सुबह 10 बजे पानी छोड़ा गया। 12 अक्टूबर को ग्राम आमलीपाड़ा में धोलावड़ की पाइप लाइन फूटने के बाद बिगड़ी व्यवस्था को अफसर तक अब तक काबू नहीं कर पाए हैं। वजह नगर निगम की बेढंगा जलप्रदाय सिस्टम है, जो एक बार गड़बड़ाने पर सप्ताह भर या उससे ज्यादा समय में भी शेड्यूल में नहीं आ पाता।

शिकायतों के बाद सुधार नहीं होने पर रहवासियों के साथ नेता भी नाराज हैं। पटरी पार के सभी 13 वार्ड के पूर्व पार्षदों ने आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। निगम ने व्यवस्था नहीं सुधारी तो बड़ा हंगामा खड़ा हो सकता है।

कलेक्टर तक पहुंची शिकायत, एक साल से परेशानी बढ़ी

जलकार्य प्रभारी पवन सोमानी ने कलेक्टर को लिखित शिकायत में बताया कि धोलावड़ के नए और पुराने इंटकवेल से पानी मिलने के बावजूद पटरी पार के क्षेत्रों में लगभग रोजाना ही देरी से, तो कभी-कभी दो से तीन दिन में पानी मिल रहा है। 2014 में यूआईडीएसएसएमटी योजना पूरी होकर 50 लाख गैलन अतिरिक्त पानी मिलना शुरू हो गया था। सोमानी ने तकनीकी समस्या का भी हवाला देकर व्यवस्था सुधरवाने की मांग की है।

कस्तूरबा नगर मुख्य लाइन पर सीवरेज की खुदाई में क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों से अब भी पानी लीक हो रहा है। इस कारण सप्लाई के समय सड़कों के गड्‌ढों में पानी भर जाता है। पूर्व पार्षद पवन सोमानी ने बताया खुदाई के समय ही निगम अधिकारियों को बता दिया लेकिन लाइनों को ठीक ही नहीं करवाया।

यहां परेशानी : जवाहरनगर, कस्तूरबा नगर, मोहन नगर, डोंगरेनगर, स्नेह नगर, इंद्रानगर, 80 फीट रोड, अलकापुरी के दोनों भाग, नयागांव, तिरूपति नगर, पीएंडटी कॉलोनी, टीआईटी बिल्डिंग, लक्ष्मणपुरा आदि।

पटरी पार कब और क्यों गड़बड़ रही पेयजल सप्लाई

12 अक्टूबर- आमलीपाड़ा से गुजर रही मुख्य पाइप लाइन को सड़क बनाने वाले ठेकेदार ने फोड़ा था। 5 अक्टूबर- पॉवर हाउस रोड पर शटडाउन तथा रात में वाॅल्व खराब होने से शेड्यूल गड़बड़ा, जो 8 अक्टूबर को सुधर पाया। 24 सितंबर- टंकियां नहीं भर पाने से तीनों प्रमुख टंकियों से जलप्रदाय 8 से 10 घंटे की देरी से हो पाया। 4 सितंबर- बाजना बस स्टैंड पर लाइन फोड़ दी थी, इससे पोलोग्राउंड, गोशाला व गंगासागर टंकी से आपूर्ति नहीं हो पाई। 1 सितंबर- कस्तूरबा नगर मुख्य मार्ग पर सीवरेज लाइन डालने के लिए सप्लाई लाइन फोड़ दी। 1 दर्जन इलाकों में पानी नहीं बंटा। 26 अगस्त- रामनगर मोरवानी रोड पर धोलावड़ की मुख्य पाइप लाइन में लीकेज हो गया था। गंगासागर टंकी सहित अन्य टंकियों में भी 7 से 15 घंटे देरी से पानी बंटा। 29 जुलाई- जवाहर नगर अंबे चौक के पास सीवरेज लाइन की खुदाई से पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। कई इलाकों में पानी नहीं बंट पाया।

एक-दो दिन में अनाउंस कर दिया जाता है कि पानी देरी से आएगा। कई बार शिकायत कर चुके हैं। जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो निगम में जाकर मटके फोड़ेंगे।
सीमा टांक, पूर्व पार्षद

पानी देरी से आता है, ऊपर से प्रेशर नहीं होता। दो सप्ताह पहले इंजीनियर को समस्या बताई थी। कुछ नहीं किया। सड़क पर उतरने के अलावा कोई चारा नहीं रहा।
मनीषा शर्मा, पूर्व पार्षद

हर महीने में दो से तीन बार ऐसी स्थिति बनती है, फिर आठ से दस दिन तक शेड्यूल में पानी नहीं मिलता। अधिकारियों को शिकायत भी की लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं हैं।
पप्पू पुरोहित, पूर्व पार्षद



Source link