कमलनाथ के ‘आइटम’ बयान पर चुनाव आयोग सख्त, राज्य निर्वाचन आयोग से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

कमलनाथ के ‘आइटम’ बयान पर चुनाव आयोग सख्त, राज्य निर्वाचन आयोग से मांगी विस्तृत रिपोर्ट


पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने डबरा सीट से बीजेपी की प्रत्याशी इमरती देवी पर दिए अपने बयान पर सफाई दी है

चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर, हमने एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. यह अगले दिन यानी मंगलवार को आयोग को मिल जाएगी. इसके आधार पर आयोग आगे निर्णय लेगा’


  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 19, 2020, 11:35 PM IST

नई दिल्ली. पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ (Kamalnath) द्वारा बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी (Imarti Devi) पर की गई अपमानजनक टिप्पणी से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. इस मुद्दे पर बीते दो दिन से सियासत गर्माने के बाद अब चुनाव आयोग (Election Commission) ने राज्य निर्वाचन अधिकारी से इस पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. सोमवार को चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर, हमने एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. यह अगले दिन यानी मंगलवार को आयोग को मिल जाएगी. इसके आधार पर आयोग आगे निर्णय लेगा.’

वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी यह मामला चुनाव आयोग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा है. चुनाव आयोग के अधिकारी ने कहा कि जब तक हमें एनसीडब्ल्यू से संदेश मिला, हम मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांग चुके थे.

डबरा में चुनावी सभा में इमरती देवी को कहा था ‘आइटम’दरअसल रविवार को ग्वालियर के डबरा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री की जुबान फिसल गई थी. उन्होंने यहां से बीजेपी की उम्मीदवार इमरती देवी को तंज भरे लहजे में ‘आइटम’ कहकर संबोधित किया था. कमलनाथ ने मंच से अपने भाषण में कहा था कि ‘सुरेंद्र राजेश हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे-साधे हैं. यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, ‘यह क्या आइटम है’.

28 सीटों के लिए 3 नवंबर को वोटिंग, 10 नवंबर को चुनाव के रिजल्ट बता दें कि इसी साल मार्च में इमरती देवी समेत कांग्रेस के 22 विधायक पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो गए थे. जिससे कांग्रेस की कमलनाथ सरकार अल्पमत में आ गई थी और राज्यपाल के सदन में बहुमत परीक्षण करवाने के निर्देशों से पहले ही कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा दे दिया था.

मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं. वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी.





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