Attendance will be considered even if students are unable to join online classes | छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ज्वाइन नहीं कर पाए, तब भी मानी जाएगी उपस्थिति

Attendance will be considered even if students are unable to join online classes | छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ज्वाइन नहीं कर पाए, तब भी मानी जाएगी उपस्थिति


भोपालएक घंटा पहले

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प्रतीकात्मक फोटो

  • नेटवर्क की दिक्कत के कारण ऑडियो-वीडियो बीच-बीच में होते हैं ब्रेक

उच्च शिक्षा की ऑनलाइन कक्षाएं छात्रों के साथ ही प्रोफेसर्स के लिए भी परेशानी का सबब बन गई हैं। ऑडियो और वीडियो बीच-बीच में ब्रेक होने के साथ ही छात्रों की कम उपस्थिति भी प्रोफेसर्स के लिए दिक्कत खड़ी कर रही है। इधर, पूर्व में छात्रों का ऑनलाइन क्लास में शामिल होने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया गया है।

उच्च शिक्षा विभाग के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. धीरेंद्र शुक्ल के मुताबिक ऐसा इसलिए किया गया था कि छात्र कक्षाओं में शामिल हों, लेकिन अगर किसी दिक्कत की वजह से शामिल नहीं भी होते हैं ताे उपस्थिति और परिणाम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। विभाग ने स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के छात्रों के लिए कोरेाना के चलते ऑनलाइन कक्षाएं शुरू की हैं। लेकिन, अभी एडमिशन प्रक्रिया चल रही है इस वजह से पर्याप्त संख्या में छात्र भी कक्षाओं में हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं। विभाग को मिले फीडबैक में यह तथ्य सामने आया है कि कक्षाओं के दौरान ऑडियो-वीडियो बहुत ज्यादा ब्रेक हाेता है। कई बार दूर-दराज के छात्र नेटवर्क की वजह से कक्षाओं में शामिल नहीं होते।

15 दिन में तीन फाॅर्मेट से प्रोफेसर्स हो रहे परेशान
विभाग ने साेमवार को प्राचार्यों को फाॅर्मेट जारी कर पूछा है कि पंजीकृत छात्रों की संख्या कितनी है। फाॅर्मेट में उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या और उनका प्रतिशत मांगा गया है। प्रोफेसर्स ने बताया कि पिछले 15 दिन में तीन बार अलग-अलग फाॅर्मेट जारी हुए हैं। उनका तर्क है कि जब ऑडिया-वीडियो ब्रेक हो रहे हैं, छात्रों के पास नेट नहीं है तो वे क्या करेंगे। बहुत से छात्र ऐसे भी हैं जिनके पास मोबाइल नहीं है। इसके अलावा अभी दाखिले हो ही रहे है इसलिए भी बहुत कम छात्र शामिल हो रहे हैं।



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