पाटन12 घंटे पहले
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तहसील में मटर की खेती करने वाले किसान इन दिनों परेशान हैं। किसानों ने बताया कि सोसायटी से डीएपी व यूरिया नहीं मिल पा रही है। जिसके चलते किसानों को मंहगे दामों पर बाजार से खाद खरीदनी पड़ रही है। चपोद निवासी किसान शिवकुमार, राकेश कुमार, दिनेश कुमार ने बताया कि जिला सहकारी बैंक शाखा पाटन की सभी सोसायटी में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। इसके बाद भी किसानों को खाद नहीं दी जा रही है।
किसानों ने बताया कि सोसायटी के माध्यम से किसानों को 11 सौ रुपए में डीएपी खाद व 267 रुपए में यूरिया खाद की एक बोरी उपलब्ध कराई जाती है। बाजार में यही डीएपी 1250 रुपए व यूरिया 379 रुपए में मिल रही है।
हददुआ निवासी किसान सौरभ सिंह, मलखान सिंह, राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि किसानों के नए केसीसी भी नहीं बनाए जा रहे हैं। बिना केसीसी वालों को नगद में खाद नहीं दी जा रही है। जिन किसानों के पास केसीसी हैं उन्हें ही खाद दी जा रही है।
कम मिल रही खाद
कुंवरपुर के किसान प्रेम सिंह, प्रकाश सिंह ने बताया कि सोसायटी से प्रति हेक्टेयर दो बोरी डीएपी व चार बोरी यूरिया दी जा रही है, जबकि किसानों को प्रति हेक्टयेर में २० बोरी यूरिया व ६ बोरी डीएपी लगती है। सोसायटी से कम खाद मिलने के कारण किसान बाजार से मंहगे दामों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं।
दुकानदार नहीं देते हैं बिल
किसानों ने बताया कि बाजार में मिल रही डीएपी और यूरिया का उन्हें बिल नहीं दिया जाता। यदि किसान किसी दुकानदार से बिल माँगता है तो दुकान संचालक खाद देने से मना कर देता है। कई दुकानों में तो बिल बुक ही नहीं है। प्रशासन भी खाद-बीज बेचने वाले दुकानदारों पर मेहरबान है। न रिकार्ड चैक किया जाता और न ही बिलिंग देखी जाती है। मजबूरी में बिना बिल के किसान खाद-बीज खरीदने के लिए मजबूर है।
खाद के लिए सौंपा ज्ञापन
सिहोरा. अखिल भारतीय इंजीनियरिंग छात्र संगठन के ग्रामीण जिलाध्यक्ष आशीष पटैल बजरंगी के नेतृत्व में अनेक किसानों ने प्रति हेक्टेयर पांच बोरी डीएपी व आठ बोरी यूरिया खाद की माँग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि इस वर्ष किसानों को प्रति हेक्टेयर दो बोरी डीएपी एवं यूरिया पांच बोरी वर्तमान में दी जा रही है, जो कृषि रकबे के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। ज्ञापन अवसर पर ओम प्रकाश पटैल, प्रदीप पटैल, सत्यम पटैल, रणजीत पटैल आदि उपस्थित रहे।