Madhya Pradesh Corona Guideline Violation; Gwalior High Court Orders To FIR Against Kamal Nath And Narendra Singh Tomar | ग्वालियर हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री तोमर और कमलनाथ पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए; कोर्ट ने कहा- उम्मीदवार को चुनाव प्रचार का तो लोगों का जीने का हक

Madhya Pradesh Corona Guideline Violation; Gwalior High Court Orders To FIR Against Kamal Nath And Narendra Singh Tomar | ग्वालियर हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री तोमर और कमलनाथ पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए; कोर्ट ने कहा- उम्मीदवार को चुनाव प्रचार का तो लोगों का जीने का हक


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ग्वालियर11 मिनट पहले

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ये तस्वीर पोहरी विधानसभा क्षेत्र में आज की है, जहां पर लोग कमलनाथ को सुनने के लिए पहुंचे हुए हैं। इसमें ज्यादातर लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं है।

  • वर्चुअल मीटिंग संभव नहीं होने पर ही कर सकेंगे रैली व सभाएं, चुनाव आयोग की लेनी होगी इजाजत
  • कोर्ट ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में राजनेताओं को उदारता दिखानी चाहिए थी, लेकिन उनके आचरण से ऐसा नहीं लग रहा

मध्य प्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने ग्वालियर-चंबल अंचल में हो रही राजनीतिक सभाओं पर शिकंजा कसा है। कोर्ट ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने केस कमलनाथ पर भांडेर में हुई रैली और तोमर पर ग्वालियर में हुई रैली को आधार बनाया है। कोर्ट ने कहा कि केस दर्ज करने के साथ ही कलेक्टर को पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट 23 अक्टूबर को हाईकोर्ट में पेश करने को भी कहा है। कोर्ट ने आदेश में कहा कि पार्टियों की वर्चुअल मीटिंग संभव नहीं होने पर ही सभा व रैलियां हो सकेंगी। इसके लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेनी होगी।

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कड़ी टिप्पणी की है।

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने कड़ी टिप्पणी की है।

याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति शील नागू और न्यायमूर्ति राजीव कुमार श्रीवास्तव ने की। अधिवक्ता आशीष प्रताप सिंह ने कोविड-19 की गाइडलाइन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर जनहित याचिका दायर की है। मंगलवार को इस मामले में हाईकोर्ट में बहस हुई थी। याचिकाकर्ता के वकील सुरेश अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पूरा पालन नहीं हुआ है।

याचिकाकर्ता ने जिनके खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया था, उन सभी के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। शासन की ओर से पक्ष रखने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित हुए महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव कार्रवाई का विश्वास दिलाया है।

महाधिवक्ता ने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ कोविड-19 की गाइड लाइन के उल्लंघन के मामले में केस दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में ग्वालियर और दतिया कलेक्टर को निर्देशित भी किया जा चुका है। केस दर्ज कर अगली तारीख पर पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश करेंगे। 23 अक्टूबर को याचिका की फिर से सुनवाई होगी। कोर्ट ने प्रिसिंपल रजिस्ट्रार को आदेश की कॉपी ग्वालियर-चंबल संभाग के 8 कलेक्टर व विदिशा कलेक्टर को भेजने के निर्देश दिए हैं।

शिवराज सिंह चौहान की मंगलवार को जौरा में सभा थी, जहां पर भारी संख्या में लोग एकत्र हुए थे।

शिवराज सिंह चौहान की मंगलवार को जौरा में सभा थी, जहां पर भारी संख्या में लोग एकत्र हुए थे।

चुनाव आयोग की अनुमति लेना जरूरी
हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए निर्देश दिए हैं कि चुनावी सभा की अनुमति के लिए पहले राजनीतिक दल या प्रत्याशी से आवेदन लिया जाए। आवेदन पर कलेक्टर अपनी व्यवस्था देंगे, जिसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। आयोग द्वारा सभा को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

इन जिलों में प्रभावी होगा आदेश
इसके बाद कलेक्टर अनुमति जारी करेंगे। इसके साथ ही आयोजकों को सभा में आने वाले व्यक्तियों के हिसाब से मास्क और सैनिटाइजर की राशि कलेक्टर कार्यालय में जमा करानी होगी। यह निर्देश मुरैना, शिवपुरी, भिंड, ग्वालियर, दतिया, गुना, शिवपुरी और अशोकनगर में प्रभावी होंगे।

कोर्ट की टिप्पणी-

  • कोर्ट ने कहा कि संविधान ने उम्मीदवार और मतदाता दोनों को अधिकार दिए हैं। उम्मीदवार को चुनाव प्रचार का अधिकार है तो लोगों को जीने के साथ-साथ स्वस्थ रहने का अधिकार दिया है। उम्मीदवार के अधिकार से बड़ा लोगों के स्वस्थ रहने का अधिकार है।
  • कोर्ट ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में राजनेताओं को लोगों के प्रति उदारता दिखानी चाहिए थी, लेकिन उनके आचरण से ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा है। कोर्ट के संज्ञान में आया है कि सभाओं में सुरक्षित शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा है।
  • राजनीतिक दल को भौतिक सभा करने के लिए इजाजत लेना होगी। जिसमें बताना होगा कि वर्चुअल सभा क्यों नहीं हो सकती है। कलेक्टर संतुष्ट होने के बाद स्पीकिंग आर्डर पास करेंगे और मामला चुनाव आयोग को भेजना होगा। आयोग की अनुमति के बाद ही हो पाएंगी सभाएं।
  • आयोग से जितने लोगों को सभा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी, उतने लोगों के मास्क व सैनिटाइजर पर होने वाले खर्च की दोगुनी राशि उम्मीदवार को कलेक्ट्रेट में जमा कराना होगी।
  • भौतिक सभा के लिए एक शपथ पत्र देना होगा। सभा में आने वाले हर व्यक्ति को मास्क व सैनेटाइजर उपलब्ध कराए हैं। इजाजत लेने वाला ही उत्तरदायी होगा।



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