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- Madhya Pradesh Government Employee News, Work From Job In Bhopal: 30 Percent Workers Not Reach Office
भोपाल4 मिनट पहले
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वर्क फ्रॉम होम खत्म होने के बाद भी ऑफिस में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही। यह फोटो विंध्याचल के एक विभाग की है।
- राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पहले से लागू है 100% उपस्थिति का आदेश
- झारखंड में 75% आ रहे, महाराष्ट्र में सामान्य कार्यालयों में 30% स्टाफ बुला रहे
मध्यप्रदेश सरकार ने विभागाध्यक्षों की पीड़ा के बाद अफसर-कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम खत्म कर दिया लेकिन लंबे अरसे बाद अचानक दफ्तर लौटने में कई कर्मचारी आना-कानी कर रहे हैं। अष्टमी, नवमी, दशहरा के बहाने कईयों ने शुक्रवार के दिन की छुट्टी ले ली। मंत्रालय सहित बड़े दफ्तरों में 70% के आसपास ही उपस्थिति रही। अफसरों ने माना कि दशहरा के बाद मंगलवार से फुल अटेंडेंस की उम्मीद है।

विंध्याचल बिल्डिंग के बाहर फुटपाथ पर लगी दुकानों पर आम दिनों की अपेक्षा आज ज्यादा लोग नजर आए।
ये मिले हाल :
विंध्याचल और सतपुड़ा की बिल्डिंग में सैनिटाइडर की ऑटोमैटिक मशीन लगाकर खानापूर्ति की जाती रही। ऑफिस में किसी तरह के सैनिटाइजर और कोविड की गाइडलाइन का कोई खास असर दिखाई नहीं दिया। यही कारण रहे की कम संख्या में ही लोग ऑफिस में बैठे नजर आए जबकि शेष कर्मचारी बिल्डिंग के बाहर समय बिताते दिखाई दिए।

इस तरह ऑफिस खाली नजर आए।
नौ हजार कर्मचारी हैं सतपुड़ा सहित मंत्रालय में
नए आदेश के बाद सतपुड़ा, विंध्याचल और मंत्रालय में भी सभी कर्मचारियों को ऑफिस आने को कहा गया। इनमें करीब 56 विभाग हैं, जिसमें 9000 के आसपास कर्मचारी हैं। इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के लिए अलग से कोई खास व्यवस्था नजर नहीं आई।

कर्मचारी ऑफिस के बाहर बातचीत करते और समय बिताते नजर आए।
मंत्रालय में अकेले 3 हजार कर्मचारी
कर्मचारी नेता सुधीर नायक ने बताया मंत्रालय में करीब 3000 कर्मचारी हैं। इसमें 2200 स्टाफ है, जबकि आठ सौ के आसपास अटैच कर्मचारी हैं। शुक्रवार से वर्क फ्रॉम होम के आदेश हो गए हैं, हालांकि इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारियों के आने से फर्क तो पड़ेगा, लेकिन सभी के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अधिकारियों से बात कर कर्मचारियों के लिए सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन समेत अन्य व्यवस्था किए जाने की मांग की है। कर्मचारी नेता लक्ष्मी नारायण ने बताया कुछ ने ऑफिस नहीं आने के कारण छुट्टी ले ली है। हम अधिकारियों से बात कर कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन कराए जाने को लेकर बात कर रहे हैं।
देश के अन्य राज्यों में यह गाइडलाइन है :
- छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कर्मचारियों को शत प्रतिशत ऑफिस बुलाया जा रहा है।
- झारखंड में 75% कर्मचारियों को ऑफिस बुलाया जा रहा है।
- उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव आर के तिवारी ने कोरोना महामारी के बचाव के साथ प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में 50 प्रतिशत का रोस्टर जारी किया है। सचिवालय में काम करने वाले आधे समीक्षा अधिकारी ही रोज सचिवालय आ रहे हैं। समूह ‘ग’ व ‘घ’ के कर्मचारियों की उपस्थिति भी 50 प्रतिशत रहती है। कर्मचारियों की कमी के चलते समूह ‘क’ व ‘ख’ के सभी कर्मचारी ऑफिस आ रहे हैं।
- महाराष्ट्र में ग्रुप ए और बी के सभी कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। बाकी कार्यालय 30 फीसदी क्षमता के साथ खुल रहे हैं।