टाटा मोटर्स ने 30 साल में 40 लाख वाहनों के उत्पादन का कीर्तिमान बनाया.
टाटा मोटर्स (Tata motors) ने अपनी पहली गाड़ी सिएरा एसयूवी (Sierra SUV) को 1991 में लॉन्च किया था. इसके बाद टाटा ने इंडिका, सूमो, सफारी और लखटकिया नैनो कार का निर्माण किया. इन गाड़ियों की बदौलत ही टाटा ने 10 लाख पैसेंजर वाहनों (10 million passenger vehicles) के उत्पादन का माइलस्टोन (Milestone) 2005-06 में हासिल कर लिया था.
- News18Hindi
- Last Updated:
October 25, 2020, 12:30 PM IST
टाटा ने कई मॉडल से स्थापित किए ट्रेंड
टाटा मोटर्स के पैसेंजर्स वेहिकल्स बिजनेस यूनिट के प्रेसिडंट शैलेश चंद्रा ने कंपनी की इस उपलब्धि पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि टाटा जैसी उपलब्धि को हासिल करने वाली देश में बहुत कम ही ऑटो इंडस्ट्री है. जो ऐसा कीर्तिमान बना सकी हैं. इन वर्षों में कंपनी ने बने-बनाए ढर्रे को चैलेंज किया है और कई बार ऐसे प्रॉडक्ट लाए हैं जो बाजार में पहली बार आए थे, जैसे कि सिएरा, एस्टेट, सफारी, इंडिका और नैनो.
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टाटा ने सिएरा के जरिए पहली बार देश में एसयूवी सेग्मेंट का प्रवेश किया था. इसके बाद कंपनी ने इसे सफारी के साथ कंसालिडेट किया. फिर कंपनी ने सुमंत मूलगांवकर के सम्मान में देश में पहली बार मल्टी पर्पज वेहिकल टाटा सूमो को लांच किया. इंडिका के जरिए कंपनी ग्राहकों के परसेप्शन में बदलाव लायी. नैनो देश की पहली कार थी जिसने कम आय वर्ग के लोगों के सपने को पूरा किया. लेकिन टाटा का ये प्रोजेक्ट बाजार में कुछ खास कमाल नहीं दिखा सका.
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टाटा का अगला लक्ष्य इलेक्ट्रिक वेहिकल सेग्मेंट में लीड करना
चंद्रा ने कहा कि कंपनी का उद्देश्य अब देश में इलेक्टिक वेहिकल के सेग्मेंट में लीड करना है. उन्होंने बताया कि अभी टाटा मोटर्स देश में सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वेहिकल मैनुफैक्चरर है और उसकी बाजार हिस्सेदारी 67 फीसदी है. अभी कंपनी इलेक्ट्रॉनिक सेग्मेंट में नेक्सॉन ईवी और टिगोर के दो ट्रिम्स की बिक्री कर रही है. इसके अलावा कंपनी की योजना अपनी प्रीमियम हैचबैक एल्ट्रोज को इलेक्ट्रिक संस्करण के रूप में पेश करने की है.