Plot of robbery made by watching crime serial, if caught, said – only shows the way from serial, do not get encouragement | क्राइम सीरियल देखकर बनाया लूट का प्लान, पकड़े गए तो कहा- सीरीयल से सिर्फ तरीका पता चलता है, हौंसला नहीं मिलता

Plot of robbery made by watching crime serial, if caught, said – only shows the way from serial, do not get encouragement | क्राइम सीरियल देखकर बनाया लूट का प्लान, पकड़े गए तो कहा- सीरीयल से सिर्फ तरीका पता चलता है, हौंसला नहीं मिलता


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भोपाल18 घंटे पहले

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बदमाशों से जब्त कार।

  • 3 दिन रेकी के बाद बिना गोलियों की रिवॉल्वर से लूट की कोशिश, शोर हुआ तो घबराए
  • एक महीने पहले 20 हजार रुपए में खरीदी थी देशी रिवॉल्वर

कारोबारी पवन नागपाल के घर में घुसकर लूट करने वाले चारों बदमाश मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाए। क्राइम सीरियल देखकर बना उनका प्लान पवन की सास के शोर से बिखर गया। तीन दिन की रैकी के बाद चारों नागपाल के घर के अंदर तक दाखिल हो सके थे। इससे पहले उन्होंने सुरक्षा गार्ड को बगैर गोलियों की रिवॉल्वर दिखाकर बंधक बना लिया और वर्दी पहन ली। फिर नागपाल को बांधा और घर में दाखिल हो गए।

उन्होंने नागपाल की पत्नी सीमा के भी हाथ-पैर बांध दिए, लेकिन सास निशा सहगल घबराईं नहीं और शोर मचाती रहीं। बदमाश नौसिखिए थे, इसलिए 15 मिनट बाद ही उन्हें भागना पड़ गया। एडीजी उपेंद्र जैन के अनुसार पकड़े गए आरोपियों में अतुल वर्मा, रवींद्र पटेल, रवि गुप्ता और शरद पांडे शामिल हैं।

रवि, अतुल और शरद पर 18.35 लाख का कर्ज है। कोई रास्ता नहीं सूझा तो अतुल ने लूट की प्लानिंग की। इसके लिए उसने रीवा निवासी शरद पांडे फिर 10 साल पुराने दोस्त रवि गुप्ता से संपर्क किया। तीनों ने रवींद्र को पुणे से मदद के लिए बुलाया। अतुल ने हर्षवर्धन नगर में किराए से एक मकान ले रखा था। चारों दोस्त यहीं इकट्‌ठा हुए, जहां रवि ने उन्हें नागपाल के घर वारदात का टारगेट दिया।

क्राइम सीरियल देखकर हौसला थोड़े ही आता है
कोहेफिजा टीआई शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपियों ने पूरी वारदात को क्राइम सीरियल देखकर ही अंजाम दिया है। पुलिस ने सवाल किया कि लूट के इरादे से घुसे थे तो भाग क्यों गए? जवाब मिला- सर, क्राइम सीरियल से तरीका पता चलता है, हौसला थोड़े ही मिलता है।

ऐसे छूटा पसीना….. शुक्रवार सुबह से भागने तक

  • चारों नागपाल के घर के लिए अतुल के मकान से रवाना हुए।
  • बदमाशों ने नागपाल के घर के पीछे अपनी कार पार्क कर दी।
  • गार्ड को बंधक बना लिया और अतुल ने उसकी वर्दी पहन ली।
  • नागपाल टहलने के लिए निकले तो उन्हें भी बंधक बना लिया।
  • सास ने शोर मचाया तो चारों करीब 4:30 बजे भाग निकले।
  • 18.35 लाख का कर्ज चुकाने के लिए सीरियल देखकर की वारदात

अतुल वर्मा निवासी जे-92 हर्षवर्धन नगर। कर्ज 2 लाख रुपए पेशा – पेटीएम कंपनी में जॉब करता है।

रवि गुप्ता निवासी- बरेला गांव, लालघाटी। कर्ज 35 हजार रुपए। पेशा – रेपिडो कंपनी में जाॅब करता है।

रवींद्र पटेल निवासी त्योंथर, रीवा कर्ज कुछ नहीं। पेशा – फ्लैश फारजिंग कंपनी पुणे में जॉब।

शरद पांडे निवासी गुढ़, रीवा : कर्ज 16 लाख। पेशा – जूम लेक्स प्रालि के नाम से रतहरा, रीवा में कंपनी चलाता है।

एयरगन भी ले गए थे साथ
एक महीने पहले शरद ने आगरा से एक देशी रिवॉल्वर 20 हजार रुपए में खरीदी थी। अतुल अपने साथ एयरगन भी ले गया था, जो डराने के लिए काफी थी। रवि ने गार्ड की वर्दी पहन ली थी, जबकि रवींद्र कार के पास ही खड़ा रहा।



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