If political parties had followed the Corona Protocol, then such a situation would not have happened: Supreme Court | रैलियों पर रोक हटी; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पार्टियां कोरोना प्रोटोकॉल मानतीं तो हाईकोर्ट दखल क्यों देता!

If political parties had followed the Corona Protocol, then such a situation would not have happened: Supreme Court | रैलियों पर रोक हटी; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पार्टियां कोरोना प्रोटोकॉल मानतीं तो हाईकोर्ट दखल क्यों देता!


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नईदिल्ली/भोपाल23 मिनट पहले

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कोरोना प्रोटोकॉल पालन के कदम चुनाव आयोग उठाए: सुप्रीम कोर्ट

  • हाईकोर्ट के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे, नौ जिलों में फिर होंगी सभाएं
  • यह भी कहा- कोरोना प्रोटोकॉल पालन के कदम चुनाव आयोग उठाए

उपचुनाव से 8 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच द्वारा 21 अक्टूबर को दिए गए उस आदेश पर सोमवार को रोक लगा दी, जिसमें हाईकोर्ट ने चुनावी रैलियों में जुट रही भीड़ और टूटते कोरोना प्रोटोकॉल को गंभीरता से लेते हुए राजनीतिक दलों को फिजिकल चुनावी रैलियां, सभाएं करने पर रोक लगा दी थी।

साथ ही कहा था कि इन कार्यक्रमों के लिए आयोजनकर्ता कलेक्टर से लिखित अनुमति लें। कलेक्टर को भी इसके लिए आयोग से अनुमति लेनी होगी। नेता वर्चुअल रैली करें। जस्टिस एएस खानविलकर की बेंच ने चुनाव आयोग, भाजपा प्रत्याशी प्रद्युम्न सिंह तोमर, मुन्ना लाल गोयल की याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगा दिया।

वहीं कोरोना के मद्देनजर अब जरूरी कदम उठाने का फैसला चुनाव आयोग पर छोड़ दिया। सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद अब 9 जिलों अशोकनगर, गुना, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर व विदिशा में नेता फिर से चुनावी रैली कर सकेंगे।

आदेश पर रोक के मायने

  • नेताओं, दलों को रैली, सभाएं करने के लिए कलेक्टर की अनुमति नहीं लेनी होगी। प्रशासन को सूचना ही देनी होगी।
  • शासनिक व्यवस्था संभालता रहेगा, कोर्ट इसमें हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
  • सभाओं में मास्क-सैनिटाइजर की व्यवस्था प्रत्याशी को ही करनी होगी, प्रोटोकॉल का पालन आयोग कराएगा।

मुझे प्रचंड राजनीति करना है, इसलिए 2024 में चुनाव लडूंगी : उमा

रायसेन. पूर्व सीएम उमा भारती ने सोमवार को सांची विस के सांचेत में सक्रिय राजनीति में वापसी के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मुझे प्रचंड राजनीति करना है इसलिए 2024 में चुनाव लड़ूंगी। तस्वीर में उमा के साथ दिख रहे बुजुर्ग कन्हैया लाल हैं। उमा ने आशीर्वाद स्वरूप इनका हाथ अपने सिर पर रखवाया।

पूर्व विधायक के पति ने कहा था- टिकट के लिए सिंधिया के पीए ने 1 करोड़ रुपए मांगे

दतिया. कांग्रेस ने सोमवार को एक वीडियो जारी किया। उसका दावा है कि वीडियो में पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह से भाजपा के टिकट पर उपचुनाव लड़ रहीं रक्षा सिरौनिया के पति संतराम ज्योतिरादित्य सिंधिया के निजी सचिव पुरुषोत्तम पाराशर द्वारा टिकट के एवज में 1 करोड़ रुपए मांगने की बात कह रहे हैं। वीडियो 2018 के विधानसभा चुनाव का है।

वीडियो में बातचीत का ब्योरा

संतराम : आपके (सेंवढ़ा विधायक घनश्याम सिंह) और अन्य लोगों के सिंबल मिल गए थे। मेरा नहीं मिला था। पाराशर जी ने 1 करोड़ मांगे थे। कहा- महाराज ने कहा है पहले पैसा जमा कराओ। हमने कहा- एक करोड़ देंगे तो चुनाव कैसे लड़ेंगे। उन्होंने पूछा- कितने जमा करा सकते हो। हमने 25-30 लाख कहा। पाराशर ने बोले- तेरा टिकट कट जाएगा। बाहर कमलापत बैठा है। मैंने पैसे जमा कराए।

डॉ.गोविंद सिंह : कहां जमा कराए। पार्टी फंड या कहीं और?

संतराम : पाराशर के साले, इंदरगढ वाले अनूप दांतरे को, वहां जो भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं।

भाजपा का संकल्प पत्र 28 को

भोपाल. भाजपा प्रचार थमने के ठीक तीन दिन पहले यानी 28 अक्टूबर को उपचुनाव की सभी सीटों पर संकल्प-पत्र जारी करेगी। इस बार पार्टी मुख्यालय से सभी प्रत्याशियों को सॉफ्ट कॉपी भेजी गई है, ताकि वे चाहें तो नेता का फोटो लगा सकते हैं।

अशोकनगर कलेक्टर-एसपी हटे

भोपाल. अशोकनगर से कांग्रेस उम्मीदवार आशा दोहरे के अनशन पर बैठने के 24 घंटे बाद ही चुनाव आयोग ने कलेक्टर अभय वर्मा और एसपी रघुवंश सिंह को हटा दिया है। प्रियंका दास नई कलेक्टर और तरुण नायक एसपी होंगे।



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