राघौगढ़/ चांचौड़ा/रुठियाई/जामनेर8 घंटे पहले
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10 दिवसीय शारदीय नवरात्रि के समापन पर जिले में विभिन्न सार्वजनिक पांडालों में लगी मां दुर्गा की झांकियों में रखी देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। इसके लिए शहर के नजदीक सिंगवासा तालाब में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
वहीं सिंध नदी और पार्वती नदी सहित अन्य जलाशयों में भी माता के भक्तों ने भजनों की प्रस्तुतियों पर नाते व गाते हुए चल समारोह निकालकर देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया। जिले के सभी कस्बों, गांवों में भी जुलूस निकालकर देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
आकर्षण का केंद्र रहे प्रतिमा विसर्जन : रुठियाई।्| नवरात्रि पर सजी झांकियों में से पोस्ट आफिस वाली झांकी, करमाखेड़ी में बाल युवा समिति द्वारा लगाई गई झांकियों की प्रतिमाएं विसर्जन चल समारोह में आकर्षण का केंद्र रही। पोस्ट आफिस वाली झांकी आकर्षण का केंद्र रही। कस्बे की ज्यादातर झांकी समिति ने कस्बे से गुजरी चोपन नदी पर ही विसर्जन किया। माँ अंबे की झाँकी का ढोल-नगाड़ों के साथ विसर्जन किया गया।
कीर्तन मंडल ने भजनों के साथ दी विदाई
जामनेर में भी मां की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला सोमवार को दशानन के दहन के बाद प्रारंभ हुआ, जो देर रात तक चलता रहा। इस दौरान नगर व क्षेत्र में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं का नदियों व जलाशय में आरती के बाद मां की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। शोभायात्रा में लोगों ने भक्ति भाव से कीर्तन मंडली व बाजे-गाजे के साथ थिरकते हुए मां को विदाई दी। जामनेर के हनुमान मंदिर में जामनेर, कांकरवास, बैरवास, नटरियाई, छपरयाई, ढ़ाढ़ोन्या, मलियाखेड़ी, झरपई आदि गांवों की प्रतिमाएं एकत्रित हुई। इसके बाद चल समारोह गोचा नदी के लिए रवाना हुए।
प्रतिमा विसर्जन के लिए निकाले चल समारोह
नवरात्रि समापन पर बीनागंज और चांचौड़ा में लगी झांकियों की देवी प्रतिमाओं का चल समारोह निकाल विसर्जन किया। घाटाखेड़ी के घाट और पार्वती नदी में देवी प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। नदी पर सुरक्षा के प्रशासन ने खास इंतजाम किए गए थे।