रतलाम21 घंटे पहले
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मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन मिलना जल्द शुरू हो जाएगी। अभी कंस्ट्रक्शन का काम हो रहा है, जो आखिरी चरण में पहुंच गया है। इसके बाद लाइसेंस की प्रक्रिया की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में लिक्विड ऑक्सीजन देने की तैयारी की जा रही है। लिक्विड ऑक्सीजन के लिए 10 हजार लीटर का टैंक रहेगा, इससे एक बार में ही 1200 सिलेंडर के बराबर ऑक्सीजन मिल सकेगी। कॉलेज में ऑक्सीजन टैंक पहुंच चुके हैं, अभी कंस्ट्रक्शन का काम हो रहा है। जो अक्टूबर आखिरी तक पूरा होने के आसार हैं। इसके बाद लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू करेंगे। ऑक्सीजन की कमी नहीं, रोज 300 सिलेंडर की हो सकती है पूर्ति : मेडिकल कॉलेज में कोरोना काल के दौरान अभी ऑक्सीजन की कमी का मामला सामने नहीं आया है। कॉलेज में रोज 300 सिलेंडर की पूर्ति का इंतजाम है। इधर, कोरोना काल में रोजाना 200 से 250 सिलेंडर की जरूरत भी लगी है। हालांकि, लिक्विड ऑक्सीजन का फायदा ये रहेगा कि मरीजों को सीधे बेड पर ऑक्सीजन मिल सकेगी। इससे सिलेंडर की झंझट से मुक्ति मिलेगी।