टी-शर्ट और जींस में पेशी पर नहीं जाएंगे अफसर; राज्य सरकार के एक लाख कोर्ट केस के प्रभारी अधिकारियों पर होगी लागू

टी-शर्ट और जींस में पेशी पर नहीं जाएंगे अफसर; राज्य सरकार के एक लाख कोर्ट केस के प्रभारी अधिकारियों पर होगी लागू


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  • Officers Will Not Go On Muscle In T shirts And Jeans; Officials In Charge Of One Lakh Court Case Of State Government Will Be Applicable

भोपाल11 घंटे पहले

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  • यदि किसी तरह की कोई लापरवाही मिली तो प्रभारी अधिकारी ही होंगे दोषी

राज्य सरकार के कोर्ट केसों में जाने वाले प्रभारी अधिकारी (ओआईसी) अब टी-शर्ट और जींस पहनकर नहीं जा पाएंगे। उन्हें फॉर्मल ड्रेस कोड अपना होगा। शर्ट और पेंट में वे कोर्ट जा पाएंगे। इसके अलावा यदि किसी केस में लापरवाही सामने आती है तो उसके सीधे जवाबदार भी प्रभारी अधिकारी ही माने जाएंगे। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने पहली बार प्रभारी अधिकारियों के लिए आचार संहिता जारी की है। ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि, प्रभारी अधिकारियों की लापरवाही और अनदेखी के कारण कई मामलों में हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों को पार्टी बना रहे थे।

कोर्ट में इस समय मप्र सरकार के करीब एक लाख केस चल रहे हैं। यह अलग-अलग विभागों से जुड़े हैं। इन सभी केसों में सरकार अथवा विभाग का पक्ष रखने के लिए प्रभारी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इन्हीं प्रभारी अधिकारियों के लिए यह नए प्रावधान किए गए हैं।

यह जरूरी…फॉर्मल ड्रेस के साथ अच्छी तरह से रखने होंगे दस्तावेज

  • सरकारी वकील के पास तभी जाएंगे, जब केस की पूरी जानकारी हो। सुनवाई के दौरान अपडेट भी रहना होगा।
  • हर केस की अलग फाइल होगा। सभी सुनवाइयों से संबंधित के आदेश की प्रति होगी।
  • केस में सिर्फ प्रभारी अधिकारी ही जाएंगे। वे नहीं हैं तो राजपत्रित अधिकारी जाएगा।
  • फॉर्मल ड्रेस के साथ दस्तावेजों को भी अच्छी तरह से रखना होगा।
  • केस में कोर्ट के निर्देश के तहत उसी दिन वे सरकारी वकील से संपर्क करेंगे।
  • एडवोकेट जनरल के दफ्तर की फाइल भी वे अपनी कस्टडी में नहीं रख पाएंगे।
  • पदनाम के साथ उन्हें केस की जिम्मेदारी मिलेगी। ट्रांसफर या रिटायर होने की स्थिति में वे पूरे प्रकरण की जानकारी नए अधिकारी को देंगे।
  • यदि उपरोक्त निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो वे लापरवाही के दोषी माने जाएंगे। मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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