(सांकेतिक तस्वीर)
एक अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल नंबर तीन में डॉ. भागवत देवांगन का शव बरामद किया गया था. मृतक डॉक्टर छत्तीसगढ़ के जांजगीर राहौद नगर पंचायत का रहने वाला था.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 4, 2020, 10:06 AM IST
बता दें कि मृतक भागवत देवांगन के परिजनों ने उसे आत्महत्या करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया था. परिजनों का कहना है कि देवांगन के साथ कॉलेज के लोग जातीय भेदभाव (Racial Discrimination) करते थे. कॉलेजन के सीनियर्स (Seniors) छोटी जाति का हवाला देकर उसे प्रताड़ित करते थे. यही वजह है कि उसने अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार से तंग आकर आत्महत्या कर ली. हालांकि, मेडिकल कॉलेज का प्रशासन इस बात से इनकार कर रहा है कि भागवत देवांगन के साथ जातीय भेद-भाव होता था.
रैगिंग से तंग आकर की आत्महत्या
दरअसल, बीते दिनों जबलपुर में एक खबर सामने आई थी कि रैगिंग से तंग आकर एक डॉक्टर ने आत्महत्या कर ली. एक अक्टूबर की शाम करीब पांच बजे जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल नंबर तीन में डॉ. भागवत देवांगन का शव बरामद किया गया था. मृतक डॉक्टर छत्तीसगढ़ के जांजगीर राहौद नगर पंचायत का रहने वाला था. जबलपुर पहुंचे परिजनों ने पुलिस से जो शिकायत की उसके बाद जांच अधिकारियों के होश उड़ गए. दरअसल, यह मामला रैगिंग से जुड़ा हुआ सामने आया था.
24 जुलाई को भी रैगिंग से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया थापरिजनों ने पुलिस को बताया था कि डॉक्टर देवांगन ने बीते 24 जुलाई को भी रैगिंग से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद पांच डॉक्टर्स के नाम सामने आए थे. कॉलेज प्रबंधन ने उन पांचों डॉक्टर्स पर कोई कार्रवाई नहीं की. एक बार फिर जब वह अपने घर से वापस पढ़ाई के लिए हॉस्टल पहुंचा तो उसके साथ फिर रैगिंग शुरू कर दी गई, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया. परिजनों का आरोप था कि उसके साथ सीनियर्स जातीय भेदभाव करते हैं. बयान के आधार पर पुलिस मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी, कॉलेज के डीन सहित साथी जूनियर और सीनियर डॉक्टर से पूछताछ कर मामले की छानबीन में जुट गई.