उद्योग-व्यापार को बढ़ाने मार्केटिंग जरूरी: बाजार में तभी लौट सकेगी रौनक; उद्योगपतियों का कहना- बाजार तैयार करने विभाग तय करे गाइडलाइन

उद्योग-व्यापार को बढ़ाने मार्केटिंग जरूरी: बाजार में तभी लौट सकेगी रौनक; उद्योगपतियों का कहना- बाजार तैयार करने विभाग तय करे गाइडलाइन


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • Raunak Will Be Able To Return To The Market Only; Industrialists Say Market Preparation Department Should Set Guidelines

जबलपुरएक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक

शहर के उद्योगों में लॉकडाउन के बाद थोड़ी बहुत रौनक तो लौटी है। इंडस्ट्रियों को काम भी मिलने लगे हैं और उद्योगपति इस बात की उम्मीद जता रहे हैं कि त्योहारी सीजन के बाद भी व्यापार इस तरह से बरकरार रहेगा, साथ ही इसमें बढ़ोत्तरी भी होगी। वहीं उद्योगपतियों का मानना है कि आगे भी उद्योग-व्यापार को बढ़ाने के लिए लोकल मार्केटिंग जरूरी है। यहाँ उत्पाद का व्यापार स्थानीय स्तर के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में बढ़ाया जाएगा तो इंडस्ट्री को अपना उत्पाद बेचने के लिए किसी खास अवसर की तलाश नहीं करनी पड़ेगी।

अभी भी गुजरात और महाराष्ट्र पर निर्भर क्यों
अधारताल, रिछाई, मनेरी और उमरिया-डुंगरिया के उद्योगपतियों का कहना है कि आज हर जरूरत की सामग्री जबलपुर व आसपास के क्षेत्रों की इंडस्ट्रियाँ तैयार कर रही हैं। मगर अभी भी अधिकांश सामग्रियों का व्यापार गुजरात और महाराष्ट्र की कंपनियों से हो रहा है। ऐसा नहीं है कि स्थानीय इंडस्ट्रियों में उत्पाद की जा रही सामग्री क्वॉलिटी युक्त नहीं है, इसके बाद भी इनकी उपेक्षा किए जाने से ही लोकल व्यापार पिछड़ जाता है। सरकारी विभाग को जरूरत के हिसाब से स्थानीय उत्पादों को ज्यादा महत्व देना होगा।

सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम मंत्री का आगमन आज
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा का गुरुवार की सुबह 9:15 बजे नई दिल्ली से विमान द्वारा जबलपुर आगमन होगा। श्री सखलेचा यहाँ सुबह 10 बजे उद्योग भवन कटंगा में औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों से चर्चा करेंगे तथा सुबह 11 बजे वे कार द्वारा सतना जिले के सज्जनपुर के लिए रवाना होंगे।

क्या कहते हैं उद्योगपति
आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत सभी विभागों की स्वरोजगार योजनाओं को एक सिंगल विंडो में रखना चाहिए ताकि किसी प्रकार के भटकाव की स्थिति निर्मित न हो।
– हिमांशु खरे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, जेसीसीआई

हर इंडस्ट्री में 60 से 70 फीसदी तक काम आ गया है। आगे भी इस तरह के काम की उम्मीद की जा रही है ताकि इंडस्ट्री के साथ ही शहर के व्यापार को भी गति मिल सके।
-शंकर नाग्देव, मानसेवी मंत्री, एमसीसीआई

हर कदम पर अधिकारियों द्वारा अड़ंगा लगाया जाता है। प्रशासन का भी सहयोग नहीं है। सहयोग मिले तो बाहर से यहाँ इंडस्ट्री लगाने वाले नए निवेशक लेकर आएँगे।
-प्रेम धवन, उद्योगपति, मनेरी

नगर निगम द्वारा नल-जल योजना के तहत पाइप और शहर में रखे जा रहे डस्टबिन बाहर से मँगाए जा रहे हैं। जबकि इसकी खरीदी लोकल इंडस्ट्री से की जाए तो उद्योगों को बढ़ावा।
-मुनींद्र मिश्रा, अध्यक्ष, उमरिया-डुंगरिया



Source link