दमोह18 घंटे पहले
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- एक करोड़ रुपए की लागत से हुआ है निर्माण, नहीं हो पाया उद्धघाटन
जिला अस्पताल परिसर में नव निर्मित कोविड आईसीयू बनकर तैयार हुए एक माह हो गया है, लेकिन अब तक चालू नहीं हो पाया है। पहले 21 अक्टूबर को वर्चुअल उद्घाटन होना था, मगर भोपाल से अनुमति न मिलने की वजह से मामला टाल दिया गया और उद्घाटन न होने की वजह से मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला अस्पताल से कोविड के मरीजों को पहले की तरह अब भी सागर और जबलपुर मेडिकल काॅलेज रैफर किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि शासन से अब तक कोई आदेश नहीं आया है, जिसके चलते आईसीयू चालू नहीं किया गया है, अब फिर से पत्र व्यवहार कर रहे हैं, यदि शासन से उद्घाटन नहीं किया गया तो कलेक्टर से बात प्रारंभ कराया जाएगा। दरअसल यह आईसीयू एक करोड़ की लागत से तैयार किया गया है। इसमें एक साथ 14 कोविड के मरीजों को स्थिति गंभीर होने पर भर्ती किया जा सकेगा। आईसीयू में सारी सुविधाएं मुहैया कराईं गईं हैं और पलंग भी शिफ्ट कर दिए गए हैं, बस उद्घाटन होने के इंतजार में वार्ड को चालू नहीं किया जा रहा है। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अब भी कोविड के मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें सागर या फिर जबलपुर मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया जाता है। जिसमें मरीजों को आने-जाने में तो राशि खर्च होती ही है, साथ में कई बार रास्ते में ज्यादा वक्त लगने से मरीज की जान भी चली जाती है। डर की बात यह भी है कि 45 से मरीजों की जान कोविड से जिला अस्पताल में चली गई है। इनमें कुछ मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने रास्ते में दम तोड़ा है। सिविल सर्जन डाॅ. ममता तिमोरी ने बताया कि कोविड आईसीयू बनकर तैयार हो गया है, लेकिन उद्घाटन नहीं हो पाया है। पहले भोपाल से ऑन लाइन उद्घाटन होना था, लेकिन स्थगित कर दिया गया। अब दोबारा तिथि के लिए पत्र लिखा जा रहा है। यदि अब भी तिथि नहीं मिलेगी तो कलेक्टर साहब से समय लेकर कोविड आईसीयू चालू कर दिया जाएगा।
डॉक्टरों को ट्रेनिंग के लिए भेजा गया है
फिलहाल कोविड में ड्यूटी करने के लिए डाक्टरों को ट्रेनिंग पर भेजा गया है। जो आने वाले हैं। बता दें कि जिला अस्पताल परिसर स्थित पुराने एसएनसीयू वार्ड में स्वास्थ विभाग द्वारा 14 बिस्तर का कोविड आइसीयू तैयार किया गया है। विभाग के इंजीनियर ने निर्माण कार्य पूरा कर सेंट्रलाइज एसी सहित कुछ मशीनें टेस्ट करके जिला अस्पताल प्रबंधन को हैंडओवर कर दिया। आईसीयू वार्ड में ड्यूटी करने के लिए 8 मेडिकल डॉक्टर की मांग के साथ 24 नर्सिंग स्टाफ, 4 वार्ड बॉय, 5 सफाई कर्मी और 4 सुरक्षा गार्ड की डिमांड है। जिसकी प्रक्रिया अभी चल रही है।