मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में कंप्यूटर बाबा को कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारक का दर्जा दिया था.
कम्प्यूटर बाबा (Computer baba) से मिलकर बाहर निकले जीतू पटवारी (Jitu patwari) ने कहा- बाबा पर बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है.
बीजेपी सरकार ने क्यों दिया था राज्यमंत्री का दर्जा
कम्प्यूटर बाबा से मिलकर बाहर निकले जीतू पटवारी ने कहा- बाबा पर बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. साधु संतों का अपमान किया जा रहा है.बीजेपी सरकार के दौरान कंप्यूटर बाबा का आश्रम सांसद औऱ विधायक निधि से बनवाया गया था. अगर आश्रम का निर्माण अवैध था या अतिक्रमण था तो पिछले 15 साल में कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. शिवराज सरकार ने उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा क्यों दिया. नर्मदा सेवा में क्यों लगाया. लेकिन बीजेपी सरकार प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई कर रही है. कंप्यूटर बाबा के पास जो हथियार मिले हैं वो लाइसेंसी हैं. प्रशासन बढ़ा चढ़ाकर गलत बयानबाजी कर रहा है.
परेशानी में बाबाकभी शिवराज के करीबी रहे कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) परेशानी में घिर गए हैं. इंदौर में प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत कंप्यूटर बाबा उर्फ नामदेव दास त्यागी को पुलिस ने हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेज दिया है. प्रशासन की इस कार्रवाई के तहत कंप्यूटर बाबा सहित 7 लोगों को जेल भेजा गया है.इसके अलावा इंदौर में स्थित उनके आश्रम को अतिक्रमण बता कर उसमें तोड़फोड़ कर दी गयी.
सोमवार को जारी रही मुहिम
मध्य प्रदेश की पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार में राज्य मंत्री के दर्जे के साथ नदी संरक्षण न्यास के अध्यक्ष रहे कंप्यूटर बाबा (Computer Baba) द्वारा धार्मिक स्थलों की आड़ में जमीनों पर कथित रूप से अवैध कब्जा जमाने के खिलाफ प्रशासन की मुहिम सोमवार को भी जारी रही. इस मुहिम के तहत कुल 40,000 वर्ग फुट की दो जमीनें अतिक्रमण से मुक्त कराई गईं जिनका मौजूदा बाजार मूल्य 13 करोड़ रुपये आंका जा रहा है.
कांग्रेस के लिए किया था प्रचार
मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में कंप्यूटर बाबा को कांग्रेस पार्टी ने स्टार प्रचारक का दर्जा दिया था. इसके तहत नामदेव दास त्यागी ने विभिन्न विधानसभा सीटों पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में वोट मांगे थे. कांग्रेस पार्टी के करीबी रहे कंप्यूटर बाबा अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहते हैं. प्रदेश में 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस सरकार से सिंधिया समर्थक विधायकों के इस्तीफे के बाद भी कंप्यूटर बाबा के बयान सुर्खियों में आए थे.