आईपीएल के नियम के मुताबिक, हर टीम को कम से कम 8 विदेशी खिलाड़ी अपने दल में रखने हैं.
आईपीएल के नियम के मुताबिक, हर टीम को कम से कम 8 विदेशी खिलाड़ी अपने दल में रखने हैं. इनमें से केवल चार प्लेइंग इलेवन में खेल सकते हैं. यदि टीमों की संख्या 8 से 10 हो जाती है तो टीमों को क्वालिटी प्लेयर चुनने में और मुश्किल होगी.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 13, 2020, 1:33 PM IST
आईपीएल के नियम के मुताबिक, हर टीम को कम से कम 8 विदेशी खिलाड़ी अपने दल में रखने हैं. इनमें से केवल चार प्लेइंग इलेवन में खेल सकते हैं. यदि टीमों की संख्या 8 से 10 हो जाती है तो टीमों को क्वालिटी प्लेयर चुनने में और मुश्किल होगी. टीमें अभी से क्वालिटी खिलाड़ियों की जगह सुनिश्चित नहीं कर पा रही हैं. यदि हम अधिकांश आईपील टीमों के दल को देखें तो सात से नौ खिलाड़ी लगभग तय होते हैं, हर टीम दो से तीन खिलाड़ियों को रोटेट करती है.
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आईपीएल में यदि 8 से 10 फ्रैंचाइजी कर दी जाएंगी तो प्रतिभाशाली खिलाड़ी और कम हो जाएंगे. 8 टीमों में अभी भी कुछ क्वालिटी खिलाड़ियों का स्तर बना हुआ है. यदि इसी पूल में से दो टीमें और बनाई जाएंगी तो तो क्या क्वालिटी की कोई गारंटी होगी. मौजूदा टीमें यही सवाल पूछ रही हैं. ऐसे में बीसीसीआई ने कहा है कि प्लेइंग इलेवन में विदेशी खिलाड़ी चार से पांच किए जा सकते हैं. इस कदम से समस्या हल हो जाएगी.इरफान पठान ने दिल्ली कैपिटल्स को लेकर कही बड़ी बात, बोले- अगले 4-5 साल DC के होंगे
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, बीसीसीआई के अधिकृत सूत्रों का कहना है कि अधिकांश क्वालिटी विदेशी खिलाड़ी बेंच पर बैठे रहते हैं, क्योंकि केवल चार ही विदेशी खिलाड़ी खेल सकते हैं. एक अतिरिक्त विदेशी खिलाड़ी से टीम का संतुलन बनेगा. आईपीएल ऐसा टूर्नामेंट है, जहां घरेलू स्तर पर प्रतिभाओं को मौका दिया जाता है, इसलिए बीसीसीआई की आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के लिए विदेशी खिलाड़ियों की संख्या को बढ़ाने का निर्णय करना आसान नहीं होगा.