त्योहार पर दोगुनी खुशी: मानसिक रूप से बीमार बेटा 14 माह पहले बिछड़ा, दिवाली पर मिला तो खिल उठे चहरे

त्योहार पर दोगुनी खुशी: मानसिक रूप से बीमार बेटा 14 माह पहले बिछड़ा, दिवाली पर मिला तो खिल उठे चहरे


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इंदौरएक घंटा पहले

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पिता और चाचा के साथ राहुल (मध्य)।

मानपुर के उमराव भूरिया के लिए दीपावली बेटे से मिलने की खुशी लेकर आई है। मानसिक रूप से बीमार उनका 25 साल का लड़का राहुल 14 महीने बाद दीपावली के ठीक एक दिन पहले वापस घर लौटा है। पिछले साल घर से बाहर घूमने निकला राहुल ट्रेन में बैठकर कोल्लम पहुंच गया था। वहां अस्पताल में इलाज के दौरान एक नर्स ने राहुल को एनजीओ तक पहुंचाया, जिसने महीनों के प्रयास के बाद राहुल को अपने परिवार वालों से मिलवाया।

राहुल के पिता उमराव और चाचा गणेश भूरिया राहुल को लेने कोल्लम गए। 13 नवंबर को ही वे राहुल को लेकर अपने घर मानपुर लौटे। राहुल की वापसी में कोल्लम के एनजीओ अभया केंद्रम और अस्पताल में काम करने वाली नर्स जीनू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तमिलनाडु में एनजीओ चलाने वाले मनीष कुमार ने बताया, राहुल कोल्लम की सड़कों पर घूम रहा था। पुलिस ने उसकी स्थिति देख इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया।

वहां काम करने वाली नर्स जीनू ने राहुल को अभया केंद्रम पहुंचाया। प्रारंभिक बातचीत में समझ आया कि राहुल हिंदी क्षेत्र से है। टेलीफोन पर बात करने के दौरान राहुल ने मानपुर और खुर्दा-खुर्दी गांव का नाम लिया। हमने ग्राम पंचायत और पुलिस अधिकारियों से बात कर राहुल के घर वालों का पता लगाया। अगस्त मेें ही हमें पुख्ता जानकारी मिल गई थी लेकिन कोरोना के कारण राहुल के परिजन कोल्लम नहीं आ पा रहे थे।



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