Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप
उज्जैन14 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
उज्जैन कार्तिक मेले का फाइल फोटो
- कालिदास अकादमी परिसर में लगता है अखिल भारतीय हस्तशिल्प मेला
- देश भर से आते हैं हस्तशिल्प कारीगर और कलाकार
उज्जैन में कालिदास अकादमी परिसर में लगने वाले विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प मेले पर इस बार कोरोना का ग्रहण लग सकता है।इस मेले का आयोजन जिला पंचायत की ओर से कार्तिक मास में किया जाता है। लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई तैयारी नहीं दिखाई दे रही है। मेले में महाराष्ट्र, उप्र, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड आदि प्रदेशों से हस्तशिल्प के कारीगर आते हैं। देश भर से कलाकार और फिल्मी हस्ती अपनी प्रस्तुति देते हैं। मेले में मिट्टी के बर्तन, फर्नीचर, खादी, कोसा कुर्ते, कश्मीर के ऊनी कपड़े, राजस्थान की मोजड़ी, घर के सजावटी सामान, बनारस की साडियां आदि बिकती हैं। कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि चूंकि हस्तशिल्प मेले में दूर दराज से कारीगर और कलाकार आते हैं। अभी तक कोई प्लानिंग नहीं हुई है इसलिए इस साल हस्तशिल्प मेला करा पाना संभव नहीं है।
कार्तिक मेले का तीन टुकड़ों हो सकता है आयोजन
कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि कोरोना के कारण मेलों के आयोजन पर प्रतिबंध था। अभी कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री की वीडियो कान्फ्रेसिंग में थीड़ी ढील मिली है। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए मेलों का आयोजन कराया जा सकता है। कार्तिक मेले में जिले के दुकानदार आते हैं। उन्हें रोजगार भी मिलता है। कार्तिक मेले का आयोजन तीन टुकडों में किया जा सकता है। कार्तिक मेला ग्राउंड, सामाजिक न्याय परिसर और कालिदास अकादमी के पीछे के मैदान में कार्तिक मेला कराने पर विचार किया जा रहा है।