सरकार की सख्ती: बिरसा मुंडा की जयंती पर शिवराज ने कहा- मध्य प्रदेश में धर्मांतरण के कुचक्र को नहीं चलने दूंगा

सरकार की सख्ती: बिरसा मुंडा की जयंती पर शिवराज ने कहा- मध्य प्रदेश में धर्मांतरण के कुचक्र को नहीं चलने दूंगा


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भोपाल44 मिनट पहले

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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिरसा मुंडा की जयंती पर जनजातीय संग्रहालय में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए।

  • जनजाति गौरव दिवस पर सीएम ने विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय किया

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण के कुचक्र को नहीं चलने दूंगा। सामाजिक न्याय हमारी प्रतिबद्धता है। सेवा कीजिए लेकिन सेवा की आड़ में मुख्य धारा को कुंद करने की साजिश होगी, तो कामयाब नहीं होने दूंगा।

सीएम शिवराज ने जनजाति गौरव दिवस पर आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय करने की घोषणा की। साथ ही रघुनाथ शाह, शंकर शाह जिन्हें अंग्रेजों ने तोप से बांधकर उड़ा दिया था, उनकी स्मृति में जबलपुर में 5 करोड़ की लागत से भव्य स्मारक बनाने का ऐलान भी किया।

सीएम शिवराज ने कहा कि ‘आज भगवान बिरसा मुंडा की जयंती है। अंग्रेज जनजाति भाई-बहनों के जल, जंगल, जमीन छीनने लगे। चावल और महुआ पर भी टैक्स लगा दिये। धर्मांतरण करवाया जाने लगा, तो उन्होंने अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए विद्रोह कर दिया।’

सीएम ने आगे कहा- ‘कुछ लोगों ने जनजाति भाई-बहनों का नाम आदिम जाति रख दिया है। आज से आदिम जाति का नाम बदलकर जनजातीय कार्य मंत्रालय किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी की है। सामाजिक समरसता मूल मंत्र है। वर्ग संघर्ष नहीं होने देंगे। हमारा एक वज्र संकल्प है कि मप्र के संसाधनों पर सबसे पहला हक गरीबों का है।’

‘बांटने की कोशिश करने वाले कामयाब नहीं होंगे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हम जनजाति नायकों को सम्मान देंगे। हमारी जनजाति परंपरा भारत की मूल पररंपरा है। कुछ लोग हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं। हम सब एक हैं। हमारी संस्कृति बहुरंगी है। अंग्रेजों द्वारा किये गये शोषण, अन्याय, अत्याचार के खिलाफ उन्होंने संघर्ष किया। भगवान बिरसा मुंडा ने अपनी संस्कृति और अपने मूल्यों को खत्म नहीं होने दिया। वह प्रतिभाशाली थे। उनमें जबरदस्त मेधाशक्ति थी। उनको पढ़ाई कराने के लिये अंग्रेजों ने उनका धर्मांतरण कराया। लेकिन वो जल्दी ही समझ गये और वापस मुख्य धारा में आ गए।’



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