दीपावली: कोरोना काल में सबके चेहरे पर आए मुस्कान इसलिए निर्धन परिवारों के बीच जाकर बांटी खुशी, राेशन हुई रात

दीपावली: कोरोना काल में सबके चेहरे पर आए मुस्कान इसलिए निर्धन परिवारों के बीच जाकर बांटी खुशी, राेशन हुई रात


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श्योपुर21 मिनट पहले

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  • देर रात तक आतिशबाजी के बीच हुअा धन की देवी महालक्ष्मी का स्वागत, महिलाओं ने सुबह किया गोवर्धन पूजन

अंधकार के विरुद्ध राेशनी का पर्व दीपावली शहर सहित जिलेभर में शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। इस दाैरान चाराें तरफ खुशियों का माहाैल नजर आया। लोगों ने घराें और प्रतिष्ठान काे रंग बिरंगी राेशनी से सजाकर धन वैभव की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी की पूजा की और कुबेर का पूजन किया। शाम होते होते पूरा शहर रंग बिरंगी विद्युत राेशनी से जगमगा उठा। लोगों ने अपने घरों व प्रतिष्ठान को फूलों, दीपों व बिजली की झालरों से सजाया।

शाम को पारंपरिक ढंग से लक्ष्मी पूजन किया गया। काेराेना काे देखते हुए ज्यादातर लाेगाें ने अपने घराें में ही परिवार के साथ त्योहार का आनंद लिया। वहीं बड़ी संख्या में लोग सज धजकर अपने परिचितों का बधाई देने के लिए घर से निकल पड़े। लोगों ने मिठाई व उपहार देकर एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामना दी। जिस वक्त लाेग अपने घराें में उल्लास में डूबे हुए थे उसी दाैरान शहर से कई सामाजिक संगठन व राजनीतिक दल के लाेगाें ने अदिवासी बाहुल्य गांवों में जाकर निर्धन परिवारों के बीच दीवाली मनाई।

महिला, बुजुर्ग और बच्चों काे नए कपड़े, मिठाई, बिस्कुट, नमकीन, गुब्बारे, चाकलेट और पटाखे वितरित किए। उपहार पाकर गरीबों के चेहरे खुशी से खिल उठे। बच्चों ने फुलझड़ी, अनार, चरखी, रेल, राकेट और लड़ी जैसी आतिशबाजी चलाकर भरपूर लुत्फ उठाया।

इंदाैर से आए करीब तीन लाख के कपड़े, मिठाई और पटाखों से मनी खाेरी गांव में 225 परिवारों की दीपावली
कराहल क्षेत्र के खाेरी गांव में अदिवासी परिवारों के लिए इस बार दीपावली बेहद खास रही। यहां इंदाैर से दानदाताओं द्वारा लगभग तीन लाख रुपए मूल्य के कपड़े, मिठाई, पटाखे व खिलाैने भेजे गए । कराहल से जैसे ही युवाओं की टीम उपहार लेकर खाेरी गांव में पहुंची चाैक पर लाेगाें की भीड़ जमा हाे गई।

इस दाैरान 225 परिवारों के 600 सदस्यों काे नए कपड़े के साथ मिठाई का डिब्बा और पटाखे के पैकेट वितरित किए गए। वितरण के मौैके पर गिर्राज पालीवाल ने बताया कि इंदाैर से पंडित बालकृष्ण दीक्षित द्वारा दानदाताओं से यह सामग्री जुटाकर दीपावली पर कराहल के गरीब आदिवासियों काे वितरण के लिए भेजी गई थी।

वनवासी महिलाओं काे बांटी साड़ी, बुजुर्गों काे कंबल ताे बच्चों काे खिलाैने के साथ पटाखे मिले
दूसराें के चेहरे पर भी मुस्कान आए इसी साेच के साथ शहर के समाजसेवी संगठनों ने अदिवासी बस्तियों में जाकर सार्थक दीपावली मनाई। शहर से सटी चैनपुरा अदिवासी बस्ती में वनवासी समुदाय की महिलाओं काे उपहार में साड़ी, बुजुर्गों काे शाल व कंबल और बच्चों काे मिठाई के साथ पटाखे व खिलाैने वितरित किए। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्रसिंह जाट, संघ के नगर प्रचारक रमाकांत, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष महावीर सिंह सिसाैदिया, अशोक गर्ग, जिला उपाध्यक्ष बिहारी सिंह साेलंकी, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष राघवेंद्रसिंह जाट,नेमीचन्द,नन्दू मीणा, धर्मेंद्र शर्मा,प्रांकुल रॉय आदि मौजूद रहे।

पशुधन की सलामती के लिए की गाेवर्धन पूजा
महिलाओं ने रविवार काे पशुधन की सलामती के लिए गाेवर्धन पूजन किया। गाेबर से गाेवर्धन की प्रतिमा बनाकर महिलाओं ने समूह में पूजन किया। पकवानाें का भाेग चढ़ाकर परिक्रमा लगाई। पशुधन की वृद्धि और पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए कामनाएं की गई। वहीं दीपावली की शाम महिलाओं ने रंगाेली और बंदनवार से अपने घर द्वार सजाए। इसके बाद पारंपरिक परिधान में सज धजकर दूसराें के घराें पर जलता हुआ दीपक रखने पहुंची। दीयाेें से जगमगाती थाली हाथाें में रखकर महिलाएं समूहाें में पराई दहलीज काे राेशन करने पहुंची और पावणा आते हैं टेर लगाकर दीपक रखा।



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