आरटीई की फीस का भुगतान: दो करोड़ रुपए मिले लेकिन आधे स्कूलों को हुआ भुगतान, आधे को अब भी इंतजार

आरटीई की फीस का भुगतान: दो करोड़ रुपए मिले लेकिन आधे स्कूलों को हुआ भुगतान, आधे को अब भी इंतजार


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रतलामएक दिन पहले

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  • मामला आरटीई की राशि के भुगतान का

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटों पर बच्चों को निशुल्क एडमिशन होता है। सालभर बच्चों को पढ़ाने पर सरकार स्कूलों को पढ़ाई के एवज में आरटीई की फीस का भुगतान करती है। वैसे तो सत्र खत्म होने के साथ ही यह राशि स्कूलों को मिल जाना चाहिए। लेकिन 2016-17 से ही राशि पेंडिंग है।
स्कूलों को मांग पर राज्य शासन ने जिला शिक्षा केंद्र को वर्ष 2016-17 की राशि के भुगतान के लिए 2 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया। लेकिन आधे स्कूलों को 1 करोड़ 2 लाख 50 हजार का भुगतान हुआ। आधे स्कूलों को अब तक भुगतान नहीं किया गया। इनमें से कई स्कूल तो ऐसे है जिनकी फाइलें बाद में आई फिर भी भुगतान कर दिया। वहीं ऐसे स्कूल जिनकी फाइलें पहले ही पहुंच गई। लेकिन उन्हें आज भी भुगतान का इतंजार है। वहीं 2017-18 के 90 स्कूलों का भुगतान अब तक पेंडिंग ही हैं।

2018-19 की भुगतान की प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं

राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश है कि वर्ष 2018-19 के भुगतान की प्रक्रिया कंपलीट कर ली जाए। ताकि भुगतान के लिए राशि का आवंटन किया जा सके लेकिन रतलाम में अब तक इसकी प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है। जबकि अब तक भुगतान के लिए फाइलें कम्प्लीट हो जाना चाहिए थी ताकि राज्य सरकार जैसे ही राशि जारी करती वन क्लिक के माध्यम से राशि स्कूलों के अकाउंट में पहुंच जाती। लेकिन अब तक फाइलें ही तैयार नहीं हो पाई है।

जिला शिक्षा केंद्र की गलती से हमें भुगतान नहीं मिल पा रहा

मप्र प्रांतीय अशासकीय शिक्षण संस्था संघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपेश ओझा ने बताया 2016-17 से ही आरटीई की राशि का भुगतान पेंडिंग चल रहा है। इसके बाद से ही लगातार पेंडिंग हैं। जबकि अब तक वर्ष 2018-19 के भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो जाना चाहिए थी। जिला शिक्षा केंद्र का अकाउंट विभाग तो निष्क्रिय है। साथ ही डीपीसी भी निष्क्रिय है। उनकी निष्क्रियता का ही नतीजा है कि अब तक भुगतान की प्रक्रिया होना तो दूर अब तक फाइलें ही अपडेट नहीं हो पाई है। फाइल अपडेट होगी। इसके बाद सीईओ और कलेक्टर की साइन कराई जाएगी। इससे समय लगेगा। पहले ही कोरोना काल चल रहा है। इससे फंड की दिक्कत है। ऊपर से आरटीई की राशि भी अब तक नहीं मिल पाई है। जल्द से जल्द भुगतान किया जाए ताकि स्कूलों को राहत मिल सके।



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