रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय: एक और नवजात को बिल्ली ने किया घायल; जागा अस्पताल प्रबंधन, चार बिल्लियाँ पिंजरे में फँसीं

रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय: एक और नवजात को बिल्ली ने किया घायल; जागा अस्पताल प्रबंधन, चार बिल्लियाँ पिंजरे में फँसीं


Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

जबलपुर21 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

रानी दुर्गावती महिला चिकित्सालय (एल्गिन) में फिर एक नवजात बच्ची को बिल्ली ने आँख में पंजा मारकर घायल कर दिया। घटना शुक्रवार 5 बजे के करीब की है जब बच्ची माँ के साथ ऑपरेशन थिएटर के वार्ड नंबर 5 में सो रही थी। दो दिन पहले भी पहली मंजिल पर स्थित इस ओटी वार्ड में बिल्ली ने एक नवजात बच्ची को चेहरे पर पंजा मारकर घायल किया था।

लगातार दो घटनाओं के बाद अस्पताल प्रशासन ने वन्य प्राणी विशेषज्ञ की सहायता ली, जिससे शुक्रवार को चार बिल्लियों को पिंजरे में कैद किया जा सका है। शीतलामाई क्षेत्र में रहने वाले पेशे से अधिवक्ता आशीष प्रजापति की पत्नी रजनी की डिलेवरी बुधवार-गुरुवार की रात 12.30 बजे हुई जिसमें उसने पुत्री को जन्म दिया। माँ-बेटी को पहली मंजिल में स्थित ऑपरेशन थिएटर के वार्ड पाँच में शिफ्ट किया गया। शुक्रवार की सुबह जब बच्ची सो रही थी तभी एक बिल्ली ने आकर उसके चेहरे पर पंजा मार दिया।

बिल्ली ले जाने के प्रयास में थी | पिता आशीष ने बताया कि बिल्ली ने जिस प्रकार सिर को पकड़ा उससे यही लग रहा है कि वह उसे घायल करने नहीं, बल्कि उठाकर ले जाना चाहती थी। सिर के नर्म हिस्से में भी उसके नाखून लगे हैं। बच्ची की आँख के ऊपर नाखून से गहरा घाव हुआ है। दो दिन पहले भी जिस बच्ची को बिल्ली ने घायल किया था उसके भी आँख के पास ही पंजा लगा था। घटना के समय वार्ड में कोई स्टाफ नहीं था, परिजनों के चिल्लाने पर वहाँ पहुँचे नर्सिंग स्टाफ ने सुबह 8 बजे डॉक्टर आने के बाद ही इलाज किए जाने की बात कही। इसका विरोध करने पर रूई से घाव साफ कर स्टाफ ने 8 बजे का इंतजार करने कहा। दोपहर 12 बजे बच्ची को एम्बुलेंस से विक्टोरिया अस्पताल लाया गया जहाँ उसे एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगा। आशीष ने बताया कि शनिवार काे सीएमएचओ से शिकायत की जाएगी।

चार पकड़ीं, कई अभी भी घूम रहीं
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरके खरे ने बताया कि बिल्लियाें को पकड़ने वन विभाग से मदद माँगी गई। वहाँ से वन्य प्राणी विशेषज्ञ धनंजय घोष से मदद लेने कहा गया। धनंजय ने सुबह अस्पताल में पिंजरे लगाए जिसमें शाम तक 4 बिल्लियाँ कैद हुईं। शनिवार को भी बिल्लियों को पकड़ने काम किया जाएगा। डॉ. खरे ने बताया कि जल्द ही खिड़कियों में जाली आदि लगाकर ऐसी घटनाओं को रोकने पुख्ता प्रबंध किया जाएँगे।



Source link