महिला अपराध: जबलपुर जिले में रोज तीन महिलाएं हो रहीं उत्पीड़न की शिकार, नहीं रुक रही छेड़छाड़, रेप व अपहरण की घटनाएं

महिला अपराध: जबलपुर जिले में रोज तीन महिलाएं हो रहीं उत्पीड़न की शिकार, नहीं रुक रही छेड़छाड़, रेप व अपहरण की घटनाएं


  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • Cases Of Crime, Molestation, Rape And Kidnapping Of Three Women In Jabalpur District Cannot Be Stopped Everyday

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

जबलपुर23 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

जबलपुर एसपी कार्यालय

  • हर महीने अपहरण व छेड़छाड़ के 26-26 तो रेप के 15 मामले आ रहे सामने

जबलपुर जिले में रोज तीन महिला अपराध सामने आ रहे हैं। पिछले 10 महीने में महिला संबंधी अपराधों के आंकड़ों पर गौर करें तो 912 प्रकरण सामने आ चुके हैं। ये आंकड़े 2018 व 2019 की तुलना में कम है। कोरोना संक्रमण के समय छेड़छाड़, रेप व अपहरण के केस नाम मात्र के सामने आए थे। जिले में हर महीने अपहरण व छेड़छाड़ के 26-26 प्रकरण सामने आ रहे हैं। वहीं बलात्कार का ये आंकड़ा 15 है।

महिला उत्पीड़न की प्रतीकात्मक फोटो

महिला उत्पीड़न की प्रतीकात्मक फोटो

2018 की तुलना में लूट में सात गुना की कमी
जिले में 2018 और 2019 की तुलना में 2020 में महिला संबंधी अपराधों में कमी आई है। 2018 की तुलना में इस बार महिलाओं के साथ लूट की घटना में सात गुना से ज्यादा की कमी आई है। हालांकि बाहरी हमले से सुरक्षित महिलाओं को घर में सिसकना पड़ रहा है। 2018 की तुलना में दहेज हत्या व दहेज प्रताड़ना के मामले कोरोना संक्रमण काल में बढ़े हैं। पिछले वर्ष की तुलना में ओवरआल आंकड़ों में कमी आई है। इसका कारण पुलिस अधिकारियों की नजर में महिलाओं का घर से अधिक न निकलना मानते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते शिक्षण संस्थान बंद हैं। महिलाओं व युवतियों का अधिकांश समय घर के अंदर गुजर रहा है।

1 जनवरी से 31 अक्टूबर के त्रिवार्षिक आंकड़े
घटना 2018 2019 2020
हत्या 19 12 11
हत्या का प्रयास 12 04 05
छेड़छाड़ 328 291 263
अपहरण 288 346 265
रेप 163 160 156
आत्महत्या को मजबूर करना 23 22 21
दहेज हत्या 14 20 15
दहेज प्रताड़ना 113 186 170
लूट 45 19 06
योग 1005 1060 912
डायल-100

डायल-100

ऊर्जा डेस्क और डायल-100 पर भी पहुंच रही शिकायत
पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऊर्जा डेस्क का संचालन किया जा रहा है। डेस्क में महिला पुलिस अधिकारियों व जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। महिला संबंधी अपराध होने पर शिकायत सुनने से लेकर उसकी जांच तक डेस्क ही करती है। यहां महिलाएं बेबाकी से अपनी पीड़ा सुना सकती हैं। एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने ऊर्जा डेस्क को और प्रभावी बनाने का निर्देश दिया है। डायल-100 पर भी मारपीट के बाद सबसे अधिक शिकायतें महिला संबंधी ही आती हैं। आईजी भगवत सिंह चौहान ने बताया कि महिला संबंधी शिकायतों को त्वरित सुनवाई के निर्देशों के चलते भी आंकड़ों में कमी आई है।



Source link