इस योजना के तहत यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली से आगरा के बीच इलेक्ट्रिक बसें और टैक्सियां राह आसान बनाएंगी
केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric vehicle) को बढ़ावा देने के लिए जयपुर-दिल्ली-आगरा पहला ई-हाईवे (Electric Highway) होगा जहां इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए विशेष कॉरिडोर तैयार करने जा रही है.
- News18Hindi
- Last Updated:
November 26, 2020, 9:51 AM IST
ई-कॉरिडोर की खासियत
दिल्ली आगरा और दिल्ली जयपुर के बीच करीब 500 किलोमीटर के दोनों ही हाईवे दुनिया के पहले सबसे लंबे ई व्हीकल हाइवे होंगे. 500 किमी लंबे इस जयपुर आगरा ई कॉरिडोर की खासियत यह है कि इसमें ना केवल इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था होगी, साथ ही अगर आप ई व्हीकल ड्राइव कर रहे हैं तो आपको चार्जिंग स्टेशन से लेकर टेक्निकल हेल्प या बैकअप की भी सुविधा दी जाएगी. दिल्ली आगरा रूट पर ट्रायल रन कि शुरुआत हो गई है जबकि दिल्ली जयपुर रूट पर ई व्हीकल के साथ ट्रायल रन की शुरुआत फरवरी 2021 में होगी.
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बता दें कि ये ई कोरिडोर 200 करोड़ निवेश से बनकर तैयार होगा. दोनों ई व्हीकल हाईवे पर कुल 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे. इनमें 18 ग्रिड आधारित और 2 सौर ऊर्जा आधारित होंगे. नोएडा से आगरा के बीच आठ चार्जिंग स्टेशन का प्रस्ताव मंजूर हो गया है. जबकि आठ और स्टेशन बनाने की जरूरत समझी जा रही है. हालांकि दिल्ली आगरा के बीच पहले चरण में सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों को उतारा जाएगा, जबकि दिल्ली जयपुर हाईवे पर इलेक्ट्रिक बसें शुरुआत में चलाई जाएंगी.
हर पेट्रोल पंप पर ई व्हीकल चार्जिंग कियोस्क लगाने की योजना
बता दें कि देश के हर पेट्रोल पंप पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स चार्जिंग कियोस्क लगाने की योजना है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार चाहती है कि देश के 69,000 पेट्रोल पंप पर कम से कम एक इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग Kiosk लगे और इस योजना को अंजाम देने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार अगले 5 साल में भारत को ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रही है.