जबलपुर में आरटीओ कर्मियों की हड़ताल: डीपीसी, प्रमोशन सहित लर्निंग लाइसेंस के दस्तावेजों की डैश बोर्ड पर ऑनलाइन सत्यापन का विरोध

जबलपुर में आरटीओ कर्मियों की हड़ताल: डीपीसी, प्रमोशन सहित लर्निंग लाइसेंस के दस्तावेजों की डैश बोर्ड पर ऑनलाइन सत्यापन का विरोध


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जबलपुरएक घंटा पहले

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जबलपुर क्षेत्रीय परिवहन आफिस में प्रदर्शन करते कर्मी

  • पूरे प्रदेश में परिवहन विभाग के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर

तीन सूत्रीय मांग को लेकर परिवहन विभाग के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि 25 वर्षों से प्रमोशन नहीं हुआ। डीपीसी भी बंद है। अब लर्निंग लाइसेंस के लिए नया साफ्टवेयर केवाईसी लांच किया जा रहा है। दस्तावेज डैश-बोर्ड पर अपलोड दिखेगा। ऐसे में हम कर्मचारी कैसे जान लेंगे कि अमुक दस्तावेज सही है या फर्जी। इसके बावजूद गलती होने पर कर्मियों की ही जवाबदेही तय की जा रही है, जो गलत है।

प्रदर्शन करते आरटीओ कर्मी

प्रदर्शन करते आरटीओ कर्मी

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में पदस्थ वरिष्ठ लिपिक नोयल स्टारकी, एसएन भांगरे, धर्मेंद्र तोमर, सर्वजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार लर्निंग लाइसेंस की नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू करें, हमें कोई दिक्कत नहीं है। पर दस्तावेजों के सत्यापन में आरटीओ कर्मियों की जवाबदारी तय नहीं होना चाहिए। यदि दस्तावेज गलत मिलते हैं तो आवेदक पर ही पूरी कार्रवाई होनी चाहिए। हम भौतिक सत्यापन में दस्तावेजों को देख कर तय कर सकते हैं कि अमुक दस्तावेज सही है या गलत। मगर आवेदक द्वारा ऑनलाइन अपलोड किए जाने वाले दस्तावेजों को कैसे बता पाएंगे कि वह गलत है या सही।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
दो दिवसीय प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहेगा। कर्मचारियों के हड़ताल के चलते कार्यालय में रूटीन कार्य जैसे लर्निंग लाइसेंस, स्थाई लाइसेंस, परमिट, बारात परमिट, वाहन रजिस्ट्रेशन आदि कार्य के लिए आए आवेदकों को लौटना पड़ा। इस प्रदर्शन में शंकर झारिया, महेंद्र रावत, संतोषी सिंह, माधुरिया खलको, नितिन गुर्दे, ललित मोहन पटेल, बाल्मीक कौल, धीरज खरे सहित अन्य लोग शामिल थे।



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