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- A 300 Million Hotel Built In Mumbai Will Be Rajasat Due To Fraudulent Money; Police Gathered In Mumbai To Gather Information
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भोपाल3 मिनट पहले
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प्रतीकात्मक फोटो
- 5 साल में रकम दोगुनी करने का लालच देकर निवेशकों से की थी ठगी
पांच साल में रकम दोगुनी करने का लालच देकर चिटफंड कंपनी श्रीस्वामी विवेकानंद मल्टी स्टेट क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी में करोड़ों की राशि जमा कराई गई थी। इसी रकम से सोसायटी के मप्र इंचार्ज का नवी मुंबई में 300 करोड़ से बने एक सात मंजिला होटल का पता चला है।
कंपनी की संपत्ति और होटल के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए भोपाल पुलिस ने मुंबई महानगर पालिका को नोटिस दिया है। पुलिस होटल को राजसात करने की कार्रवाई करेगी, जिससे निवेशकों की रकम वापस हो सके। होटल, कंपनी और आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए भोपाल पुलिस की टीम ने मुंबई में डेरा डाल दिया है। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे चिटफंड कंपनी के नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की अब तक की जांच में आया था कि मुंबई में बैठे दो कर्ताधर्ता दो सेलिब्रिटी (कंपनी की ब्रांड एंबेसडर) के माध्यम फिल्म इंडस्ट्री और रियल एस्टेट में इन्वेस्ट करते थे।
मप्र के इंचार्ज का नवी मुंबई में है आलीशान होटल
कंपनी ने मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी एक्ट 2002 के तहत किसानों को ऋण देने की अनुमति ली थी। लेकिन कंपनी तीन स्कीम में राशि जमा करा रही थी। पुलिस की मानें तो मप्र का इंचार्ज मुंबई में है, नवी मुंबई में 300 करोड़ की लागत से उसका सात मंजिला आलीशान होटल होने की जानकारी मिली है। यह होटल निवेशकों की राशि से बनाया गया है। इसके संबंध में मुंबई महानगर पालिका से जानकारी मांगी गई है। इसे राजसात किया जाएगा।
सेलिब्रिटी ही करती थीं फिल्म प्रोड्यूसर से संपर्क
सेलिब्रिटी ही फिल्म प्रोड्यूसर से संपर्क करती थीं। निवेशकों से जमा कराई गई रकम का 90 प्रतिशत हिस्सा मुंबई भेजा जाता था। संस्था के विनोद तिवारी, अंगद कुशवाह और शशांक श्रीवास्तव पुलिस रिमांड पर हैं। कंपनी का मुख्य सरगना यूपी निवासी समीर अग्रवाल सिंगापुर में बैठकर कंपनी संचालित करता है। मुंबई में कंपनी का काम गुप्ता बंधु संभालते हैं।
लाउंड्री संचालक पहुंचाता था कंपनी तक डाक
एएसपी राजेश भदौरिया के अनुसार इंदौर स्थित रीजनल ऑफिस के कंप्यूटर और हार्ड डिस्क समेत अन्य सामान इंदौर में छिपाया गया था, जिसे बरामद कर लिया है। रीजनल ऑफिस जिस पते पर बताया गया है, वहां प्लाॅट है। इस प्लाॅट के बाजू में स्थित एक लाउंड्री का संचालक रीजनल ऑफिस के पते पर आने वाली सभी डाक रिसीव करके कंपनी के अफसरों तक पहुंचाता था।
21 जिलों में निवेशकों से जमा कराए 200 करोड़
एएसपी के मुताबिक कंपनी ने 21 जिलों के निवेशकों से राशि जमा कराई है। अनुमान है यह राशि 150 से 200 करोड़ के बीच होगी। मैच्योरिटी के बाद भी कंपनी ने निवेशकों को भुगतान नहीं किया है। फिल्म इंडस्ट्री के अलावा कर्नाटक, दिल्ली और मुंबई में रियल एस्टेट में कंपनी ने इन्वेस्ट किया है। इस धोखाधड़ी के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर नेटवर्क का खुलासा करने के लिए पुलिस 52 बिंदुओं पर जांच कर रही है।